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डीयू में फॉरेन लैंग्वेज कोर्स |
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फॉरेन लैंग्वेज की जानकारी होने से किसी भी प्रफेशन में आगे बढऩे काफी मदद मिलती है। फॉरेन लैंग्वेज के फील्ड में आपके पास कई अवसर मौजूद हैं। आप टूर ऑपरेटर से लेकर इंटरप्रेटर और ट्रांसलेटर तक कई रूपों में काम कर सकते हैं। जहां इंटरप्रेटर किसी के स्टेटमेंट्स को एक लैंग्वेज से दूसरे में इंटरप्रेट करता है, वहीं ट्रांसलेटर कई डॉक्युमेंट्स को एक लैंग्वेज से दूसरे में ट्रांसलेट करता है। इंडियन इकोनॉमी के ग्लोबलाइजेशन के बाद जबसे मल्टीनेशनल कंपनियां भारत में आने लगी हैं, तो लैंग्वेज प्रफेशनल्स की डिमांड काफी बढ़ गई है। दिल्ली यूनिवर्सिटी में कई फॉरेन लैंग्वेज कोर्स चलाए जा रहे हैं। इनमें डिग्री से लेकर सर्टिफिकेट, डिप्लोमा और एडवांस डिप्लोमा तक शामिल हैं।
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आपको मशहूर हॉलीवुड फिल्म गॉडजिला याद होगी, जिसमें न्यूयार्क की सड़कों पर मुंह से आग उगलता गॉडजिला दिखाया गया है। यह मल्टीमीडिया टीम का चमत्कार है जो कल्पना को मूर्तरूप प्रदान करती है। मल्टीमीडिया में वेबसाइट डिजाइनिंग, एनिमेशन, स्पेशल इफेक्ट्स और डिजिटल वीडियो तैयार करना शामिल है। आज देश में यूटीवी, यशराज फिल्मस, रिलायंस बिग एंटरटेनमेंट जैसे बड़े-बड़े प्रोडक्शन घरानों ने ड्रीम वर्क्स, वाल्ट डिज्नी और पिक्चर एनिमेशन जैसे प्रतिष्ठित अंतराष्ट्रीय संस्थानों के साथ मिलकर पहले ही इस सेक्टर को विस्तार देने की अपनी योजनाओं की घोषणा कर दी है। जाहिर है कि यह एक संभावनाशील सेक्टर है, जिसमें रोजगार के भरपूर हैं।
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एडमिशन का दौर शुरू हो गया है। इस दौरान स्टूडेंट्स असमंजस में रहते हैं। कौन सा कोर्स करें, जिसमें भविष्य सुरक्षित हो। यानी ऐसे करियर की तलाश होती है, जिसमें क्रिएटिबिटी हो, अच्छी सैलॅरी हो और सब से बढ़ कर आगे बढऩे का अच्छा मौका हो। कुछ ऐसे की करियर पर हम फोकस कर रहे हैं, जिनमें न केवल रोजगार के बेहतर अवसर हैं, बल्कि आगे बढऩे का भरपूर मौका भी है।
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सफल एंटरप्रेन्योर बनने के लिए खूब सारे पैसों की नहीं, बल्कि एक इनोवेटिव आइडियाज और कुछ कर दिखाने के जज्बे की जरूरत होती है। यदि आप यह सोच रहे हैं कि एंटरप्रेन्योर बनने के लिए बड़े पैमाने पर पंूजी की जरूरत होती है, तो जरा इन्हें देखिए... डेल कम्प्यूटर के संस्थापक माइकल डेल ने जब अपने बिजनेस की शुरुआत की थी, तो उसके पास मात्र एक हजार डॉलर था, वह भी उधार का। बिल गेट्स ने जब अपने बिजनेस की शुरुआत थी, उनके पास महज पांच सौ डॉलर थे।
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CBSE रिजल्ट : लड़कियों ने मारी बाजी |
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बुधवार, 19 मई 2010 15:30 |
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सेंट्रल बोर्ड ऑफ सेकेंट्री एजुकेशन ने चेन्नई, अजमेर और पंचकुला प्रांत के 12वीं के नतीजे घोषित कर दिए हैं। पिछली बार की तरह इस बार के नतीजों में भी लड़कियों ने बाज़ी मारी है। चेन्नई में करीब 94 फीसदी लड़कियों को कामयाबी मिली है, जबकि करीब 91 फीसदी लड़के कामयाब हुए हैं। अजमेर रीज़न का रिज़ल्ट 84.5 फीसदी रहा है। जिनमें से 87 फीसदी लड़कियों को और 83 फीसदी लड़कों को कामयाबी मिली है। पंचकूला के नतीज़ों में भी लड़कियां आगे हैं। यहां 83 फीसदी लड़कियां कामयाब हुई हैं, जबकि लड़कों की कामयाबी का प्रतिशत 73 फीसदी है।
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