मौलाना आजाद राष्ट्ररीय छात्रवृत्ति योजना- 2010

केंद्रीय अल्पसंख्यक मामलों के मंत्रालय द्वारा वित्त पोषित मौलाना आजाद शिक्षा प्रतिष्ठान अल्पसंयक समुदाय (मुस्लिम, सिख, इसाई, बौद्ध और पारसी) की मेधावी गरीब छात्राओं को छात्रवृत्ति प्रदान करने के लिए उनसे आवेदन आमंत्रित करता है।

पात्रता- इसके लिए अल्पसंख्यक समुदाय की वही छात्राएं आवेदन कर सकती हैं,
जिन्होंने दसवीं की परीक्षा न्यूनतम 55 फीसदी अंकों से पास की हो और ग्यारहवीं
कक्षा में नियमित दाखिला लिया हो तथा जिनके परिवार की सालाना वार्षिक आय
1,00,000 रुपये से कम हो।

छात्रवृत्ति की राशि-  छात्रवृत्ति की कुल राशि 12,000 रुपये है, जिसे दो समान
किश्तों में प्रदान किया जाएगा।

आवेदन की प्रक्रिया- आवेदन फॉर्म, छात्रवृत्ति का राज्यवार कोटा, पिछले साल स्कॉलरशिप पाने वाली छात्राओं की सूची समेत अन्य जानकारी संस्था की वेबसाइट से डाउनलोड की जा सकती हैं। आवेदन पत्र की फोटोकॉपी भी इस्तेमाल की जा सकती है। आवेदन के लिए फीस या किसी अन्य
राशि का भुगतान नहीं किया जाना है। आवेदन पत्र को समुचित रूप से भरकर तथ
जरूरी प्रमाणपत्रों की प्रतिलिपि संलग्न कर इसे संस्था के पते पर प्रेषित करें। आप
चाहें तो कार्यालयीन समय में खुद जाकर इसे जमा कर सकते हैं।

पता-
 सचिव,
मौलाना आजाद शिक्षा प्रतिष्ठान,
सामाजिक न्याय सेवा केंद्र, चेसफोर्ड रोड,
नई दिल्ली- 110055
अंतिम तिथि- 31 अगस्त, 2010
बेवसाइट- www.maef.nic.in


 

नेशनल टेलेंट सर्च स्कीम

नेशनल टेलेंट सर्च यानी राष्ट्रीय प्रतिभा खोज एनसीईआरटी की एक प्रमुख योजना है। इसका उद्देश्य प्रतिभावान विद्यार्थियों का पता लगाना और उनकी प्रतिभा को बढ़ाना है। इसके तहत विज्ञान, सामाजिक विज्ञान, इंजीनियरिंग, चिकित्सा विज्ञान, प्रबंधन और विधि जैसे क्षेत्रों को शामिल किया गया है। यह योजना प्रतिभावान विद्यार्थियों को मासिक स्कॉलरशिप के रूप में आर्थिक मदद दे कर सहयोग देती है। इस योजना में बेसिक साइंस, सामाजिक विज्ञान और वाणिज्य के पाठय़क्रमों के लिए पीएचडी स्तर तक सहायता प्रदान की जाती है। व्यावसायिक पाठय़क्रमों जैसे इंजीनियरिंग, चिकित्सा विज्ञान, प्रबंधन एवं विधि के लिए पीजी स्तर तक सहायता दी जाती है। एनसीईआरटी द्वारा राष्ट्रीय प्रतिभा खोज परीक्षा का आयोजन कक्षा 8 स्तर पर किया जाता है।


परीक्षा आयोजन के आधार पर कक्षा 8 की परीक्षाओं के लिए बैठे छात्रों के प्रत्येक समूह के लिए 1000 स्कॉलरशिप दी जाती हैं। स्कॉलरशिप की राशि प्रत्येक माह 500 रुपए होती है। अनुसूचित जाति के छात्रों के लिए 15 प्रतिशत, अनुसूचित जनजाति के छात्रों के लिए 7. 5 प्रतिशत और विकलांग छात्रों के लिए 3 प्रतिशत स्कॉलरशिप आरक्षित होती है। स्कॉलरशिप का भुगतान सीधे प्राप्तकर्ता को न देकर संबद्घ संस्थान के प्रमुख के माध्यम से दिया जाता है।

चयन प्रक्रिया


प्रतिभाओं की पहचान दो स्तरीय लिखित परीक्षा के आधार पर की जाती है। प्रथम स्तर का चयन अलग-अलग राज्य/यूनियन टेरेटरीज द्वारा लिखित परीक्षा के माध्यम से किया जाता है। प्रथम स्तर की परीक्षा में सफल अभ्यर्थी ही एनसीईआरटी द्वारा संचालित द्वितीय स्तर की परीक्षा में भाग लेने के लिए पात्र माने जाते हैं। राज्य और यूनियन टेरेटरीज राष्ट्रीय प्रतिभा खोज योजना की प्रथम स्तर की लिखित परीक्षा के साथ राष्ट्रीय आय एवं योग्यता आधारित छात्रवृत्ति योजना की भी परीक्षा आयोजित करते हैं।

महत्त्वपूर्ण तिथियां


8वीं स्तर की परीक्षा के लिए आवेदन पत्र जमा करने की तिथि 31 अगस्त, 2010 है। प्रथम स्तर की परीक्षा मिजोरम, मेघालय, नगालैंड, अंडमान-निकोबार द्वीप समूह में 20 नवंबर, 2010, शनिवार को होगी। अन्य सभी राज्यों व यूनियन टेरेटरीज में एनटीएस की परीक्षा 21 नवंबर, 2010, रविवार को आयोजित होगी।

पात्रता


मान्यताप्राप्त विद्यालयों के 8वीं कक्षा में अध्ययनरत विद्यार्थी उस राज्य/यूनियन टेरेटरी द्वारा संचालित प्रथम स्तर की परीक्षा में बैठने के पात्र होते हैं, जिस राज्य में विद्यालय स्थित है।

आवेदन प्रपत्र


आवेदन-प्रपत्र प्राप्त करने के लिये राज्य संपर्क अधिकारी से संपर्क करें। आवेदन-प्रपत्र एनसीईआरटी की वेबसाइट www.ncert.nic.in से भी डाउनलोड किया जा सकता है। भरे हुए आवेदन प्रपत्र विद्यालय के प्राचार्य द्वारा हस्ताक्षरित होने चाहिए। आवेदन प्रपत्र जमा कराने की अंतिम तिथि तथा प्रपत्र कहां जमा कराया जायेगा, इस संबंध में संबंधित राज्य/संघ राज्य-क्षेत्र के संपर्क अधिकारी से पता किया जा सकता है। विभिन्न राज्यों की आवेदन प्रपत्र जमा कराने की अंतिम तिथियां भिन्न हो सकती हैं।


एनसीईआरटी द्वारा द्वितीय स्तर की परीक्षा के लिए कोई शुल्क नहीं लिया जाता। राज्य और यूनियन टेरेटरी प्रथम परीक्षा के लिए अपेक्षित शुल्क के भुगतान के लिए अधिसूचना जारी कर सकते हैं। इसलिये आवेदन प्रपत्र जमा करने से पहले कितनी और कैसे फीस दी जायेगी, इसका पता अपने राज्य संपर्क अधिकारी से लगा लेना चाहिए।

परीक्षा माध्यम


परीक्षा हिन्दी व अंग्रेजी के साथ असमी, बंगला, गुजराती, कन्नड़, मराठी, मलयालम, उड़िया, पंजाबी, तमिल, तेलुगु, उर्दू में संचालित की जाएगी। अभ्यर्थी आवेदन प्रपत्र में जिस भाषा में परीक्षा देना चाहते हैं, उस विकल्प का उल्लेख करें। इसके आधार पर ही अभ्यर्थी को उस भाषा में प्रश्न पुस्तिका उपलब्ध कराई जाएगी।

 



रामानुजम फैलोशिप

फैलोशिप के तहत आने वाले विशेषज्ञ देश के किसी भी इंस्टीटय़ूट व यूनिवर्सिटी के लिए रिसर्च वर्क कर सकते हैं और इसके लिए वह रिसर्च ग्रांट के भी हकदार होते हैं।
आवेदन की तिथि-कभी भी आवेदन किया जा सकता है। भारत वह देश है, जहां प्रतिभासम्पन्न युवा श्रमशक्ति की कोई कमी नहीं है। हर क्षेत्र में बेहतर प्रदर्शन के लिए योग्य युवाओं की यहां भरमार है, लेकिन आज भी देश में असमानता की मार के चलते ऐसे युवाओं को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है, जो योग्य हैं और बेहतर परिणाम लाने में समर्थ हैं। यही वह कारण है, जिसके चलते युवा विदेश का रुख कर रहे हैं। विज्ञान व तकनीक के क्षेत्र में ऐसे ही प्रतिभासम्पन्न युवाओं का लाभ उठाने के उद्देश्य से रामानुजम फैलोशिप की शुरुआत की गई है। इस फैलोशिप के माध्यम से विशेषज्ञता प्राप्त वैज्ञानिकों व इंजीनियरों को देश के लिए काम करने का अवसर प्रदान करने के साथ-साथ भारत छोड़ विदेशों में जा बसे विशेषज्ञों को भारत लाने का भी प्रयास किया जाता है। इस फैलोशिप के तहत आने वाले विशेषज्ञ देश के किसी भी इंस्टीटय़ूट व यूनिवर्सिटी के लिए रिसर्च वर्क कर सकते हैं और इसके लिए वह रिसर्च ग्रांट के भी हकदार होते हैं।

सामान्य योग्यता
इस सहायता को हासिल करने के लिए निर्धारित योग्यता की बात करें तो यह अच्छे वैज्ञानिकों व इंजीनियरों को प्रदान की जाती है। शैक्षणिक योग्यता पीएचडी इन साइंस, इंजीनियरिंग, मास्टर इन इंजीनियरिंग, टेक्नालॉजी/ एमडी इन मेडिसिन होना आवश्यक है। इसके अलावा उम्मीदवार के प्रोफेसर होने के अनुभव को भी फैलोशिप के दौरान महत्त्व दिया जाता है।

आयु सीमा
रामानुजम फैलोशिप के लिए निर्धारित आयु सीमा साठ से कम है। अगर आप इस आयु सीमा के नीचे हैं तो आप फैलोशिप के लिए आवेदन कर सकते हैं।

फैलोशिप की अवधि
यह फैलोशिप चुने गए आवेदकों को पांच साल के लिए प्रदान की जाती है।

मिलने वाली सहायता
फैलोशिप के तहत हर महीने 75 हजार प्रतिमाह मिलते हैं। इसके अलावा हर फैलो को पांच लाख रुपये की अतिरिक्त सहायता कॉन्फ्रेंस व अन्य खर्चों के लिए दी जाती है।

चयन का आधार
फैलोशिप पाने के लिए इंजीनियर व साइंटिस्ट को किसी रिसर्च संस्थान की मंजूरी लेकर आवेदन करना होता है। यदि आपका किसी संस्थान से कोई संबंध नहीं है, तो व्यक्तिगत तौर पर भी अपनी रिसर्च के आधार पर किसी संस्थान को आप अपना नाम फैलोशिप के लिए भेजने के लिए तैयार कर सकते हैं।

अधिक जानकारी के लिए सम्पर्क करें
डॉ. एसएस कोहली,
साइंटिस्ट एफ, डिपार्टमेंट ऑफ साइंस एंड टेक्नालॉजी,
टेक्नोलॉजी भवन, न्यू महरौली रोड, नई
दिल्ली-110016
वेबसाइट- www.dst.gov.in
www.serc-dst.org

 


 

मौलाना आजाद नेशनल स्कॉलरशिप

अल्पसंख्यक कार्य मंत्रालय ने विश्वविद्यालय अनुदान आयोग के माध्यम से इस वर्ष अल्पसंख्यक छात्र/छात्रओं के लिए 2009-10 की मौलाना आजाद नेशनल स्कॉलरशिप प्रदान करने की घोषणा की है। यह योजना आर्ट्स, विज्ञान, कॉमर्स, इंजीनियरिंग/आईटी आदि क्षेत्रों में रिसर्च करने के लिए उन्हें सक्षम बनाएगी। यह स्कॉलरशिप उन्हीं उम्मीदवारों को प्रदान की जाएगी, जिनके माता-पिता अथवा अभिभावक की पारिवारिक आय 2.5 लाख रु. प्रतिवर्ष से कम हो।


इसमें स्कॉलरशिप की कुल संख्या 756 है तथा यह प्रतिवर्ष प्रदान की जाएगी। यदि किन्हीं कारणों से उम्मीदवारों की संख्या पूरी नहीं हो पाती है तो शेष स्कॉलरशिप अगले सेशन के लिए आगे बढ़ा दी जाएंगी। इसे देश के कुल 35 राज्यों में प्रदान करने का निर्णय लिया गया है। सरकारी नियमानुसार 3 प्रतिशत सीटें अल्पसंख्यक समुदाय से संबंधित शारीरिक रूप से असमर्थ कंडीडेट्स के लिए तथा 30 प्रतिशत स्कॉलरशिप छात्राओं के लिए निर्धारित की गई है। शेष सीटें सामान्य होंगी।

स्कॉलरशिप की अवधि
यह स्कॉलरशिप एमफिल एवं पीएचडी के लिए दी जाती है। इसमें एमफिल के लिए दी जाने वाली अधिकतम अवधि 2 वर्ष तथा पीएचडी के लिए 5 वर्ष (जेआरएफ 2 वर्ष व एसआरएफ 3 वर्ष) तय की गई है। यह स्कॉलरशिप तालिका के आधार पर संचालित की जाएगी, जो कि इस प्रकार है- पहली आर्ट्स, दूसरी कॉमर्स, तीसरी साइंस, चौथी इंजीनियरिंग और अन्य।

शैक्षिक योग्यता
इस स्कॉलरशिप के लिए तभी आवेदन किया जा सकता है, जब उम्मीदवार यूजीसी के मापदंडों को पूरा करने वाले किसी विश्वविद्यालय अथवा संस्थान से एमफिल/पीएचडी कोर्स के लिए रजिस्ट्रेशन प्राप्त कर चुका हो। इसके लिए नेट अथवा स्लेट परीक्षाएं पास करने की पूर्व आवश्यकता नहीं है। उम्मीदवार का अध्ययन स्थान कुछ भी हो, वह अपने निवास स्थान के राज्य का कोटा प्राप्त करेगा।

स्कॉलरशिप राशि
जेआरएफ के रूप में जहां रिसर्च के सभी क्षेत्रों में प्रारंभिक 2 वर्षों हेतु 12,000 रुपए प्रतिमाह प्रदान किए जाएंगे, वहीं एसआरएफ के लिए शेष 3 वर्षों की अवधि के लिए 14,000 रुपए प्रतिमाह दिए जाएंगे, जबकि आकस्मिक स्थिति में दोनों ही स्थितियों में 10,000 से लेकर 25,000 रुपए तक प्रतिवर्ष प्रदान किए जाएंगे। इसी के साथ 3,000 रुपए प्रतिवर्ष विभागीय सहायता के तौर पर मिल सकते हैं।

आवेदन संबंधी जानकारी
अंतिम तिथि 6 अप्रैल, 2010 है तथा इसके लिए निम्न पते पर संपर्क किया जा सकता है-
अवर सचिव, (एसए-।।/एआर-।।।), विश्वविद्यालय अनुदान आयोग, बहादुर शाह जफर मार्ग, नई दिल्ली-110002
वेबसाइट- www.ugc.ac.in


 

कोल इंडिया स्कालरशिप

कोल इंडिया अब हर साल गरीबी रेखा से नीचे रहने वाले 100 गरीब छात्रों को पढऩे के लिए विशेष छात्रवृत्ति देगी और इस छात्रवृत्ति योजना के अंतर्गत पढऩे वाले छात्रों को पढ़ाई पूरी होने के बाद मैनेजमेंट ट्रेनी के रूप में नौकरी भी आफर करेगी।

 

इसके अतिरिक्त प्रत्येक वर्ष 25 छात्रवृत्तियां उन छात्रों को भी दिए जाने की योजना है जिनकी जमीन कोल इंडिया ने लेकर उन्हें विस्थापित कर दिया था तथा उनके परिजनों को नौकरी भी नही मिली थी। कोल इंडिया की बीपीएल छात्रवृत्ति योजना शैक्षणिक सत्र 2010-2011 से आरंभ हो रही है। इसके अंतर्गत प्रत्येक वर्ष गरीबी रेखा से नीचे रहने वाले 100 विद्यार्थियों ें को सरकारी इंजीनियरिंग कालेजों, सरकारी मेडिकल कालेजों, आईआईटी तथा एनआईटी में डिग्री कोर्स करने के लिए आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई जाएंगी। इस स्कालरशिप में छात्रों का पढ़ाई का खर्च तो शामिल होगा ही साथ ही साथ हास्टल का खर्चा भी दिया जाएगा।

 

उन्होंने बताया कि बीपीएल छात्रवृत्ति योजना के तहत मेडिकल और इंजीनियरिंग की पढ़ाई करने वाले इन छात्रों को पढ़ाई पूरा करने के बाद कोल इंडिया इन्हें मैनेजमेंट ट्रेनी के अधिकारी संवर्ग में ज्वाइन करने का विकल्प भी देगा। अगर यह छात्र चाहें तो पढ़ाई पूरी करने के कोल इंडिया में नौकरी भी कर सकते हैं। इसके अतिरिक्त प्रत्येक वर्ष 25 उन छात्रों को छात्रवृत्ति दिएं जाने की योजना है जिनके परिवारों की जमीने कोल इंडिया ने अपनी कोयला खदानों के लिए ले ली है और उन्हें विस्थापित कर दिया है।

 

उन्होंने कहा कि यह विशेष छात्रवृत्तियां उन्हीं विस्थापित परिवारों के बच्चों को दी जाएंगी जिन्हें विस्थापित किए जाने के बाद कोल इंडिया में नौकरी नही मिली है। यह छात्र वृत्ति भी सरकारी मेडिकल और इंजीनियरिंग कालेजों में पढऩे वाले छात्रों को ही दी जाएंगी और ग्रेजुएशन स्तर की पढ़ाई करने के बाद इन्हें भी कोल इंडिया में मैनेजमेंट ट्रेनी स्तर की नौकरी आफर की जाएंगी। विस्थापित परिवारों के छात्रों की छात्रवृत्ति में भी पढ़ाई के साथ साथ हास्टल का खर्चा शामिल होगा।


 

इरेसमस मुंडस स्कॉलरशिप

यूरोपियन रीजन एक्शन स्कीम फॉर द मोबिलिटी ऑफ यूनिवर्सिटी स्टूडेंट्स (इरेसमस) मुंडस यूरोपीय और अन्य देश के छात्रों के लिए हायर एजुकेशन में कई स्कॉलरशिप प्रोग्राम्स की व्यवस्था करता है। 15वीं शताब्दी के डच स्कॉलर डी.इरेसमस के नाम पर इसकी स्थापना की गई। लॉ, बिजनेस एडमिनिस्ट्रेशन, इससे संबंधित क्षेत्र और वकील यूरोपियन मास्टर कोर्स के लिए अप्लाई कर सकते हैं।

 

आवेदन की अंतिम तिथि है-31 जनवरी । इस स्कॉलरशिप के लिए आवेदन करने के लिए कैंडिडेट्स का लॉ, इकोनॉमिक्स और बिजनेस एडमिनिस्ट्रेशन में ग्रेजुएट होना जरूरी है। ट्रांसनेशनल लॉ और फाइनेंस में रुचि होनी चाहिए। अंतरराष्टरीय स्तर पर काम कर चुके कैंडिडेट्स को प्राथमिकता दी जाएगी। कैंडिडेट टेस्ट ऑफ इंग्लिश एज ए फॉरन लैंग्वज टीओईएफएल) या डिप्लोमा इन फ्रेंच लैंग्वेज (डीईएलएफ) अच्छे नंबरों से पास किया हो। पढ़ाई के दौरान यूरोप में हुए प्रैक्टिकल एक्सपीरियंस या किसी भी अंतरराष्टरीय संस्थान या इंस्टीट्यूट में हासिल किए गए अनुभव को मान्यता दी जाएगी।

 

एकेडमिक क्वालिफिकेशन, लैंग्वेज स्किल, रिसर्च एक्सपीरियंस और प्रोफेशनल एक्सपीरियंस के आधार पर कैंडिडेट का चुनाव होगा। आपको ऑनलाइन एप्लिकेशन के साथ कुछ डॉक्यूमेंट्स भी अटैच करने होंगे। जैसे- एप्लिकेंट केपार्सपोर्ट की कॉपी, सभी सर्टिफिकेट की कॉपी, प्रोफेशनल सीवी,ऑनलाइन एप्लिकेशन में एक ऑप्शन आता है पर्सनल स्टेटमेंट सेक्शन, जिसमें आप लेटर ऑफ मोटिवेशन लिखें। यह अधिक बड़ा या छोटा नहीं होना चाहिए।

 

इंग्लिश प्रोफिशिएंसी टेस्ट में आए रिजल्ट की ऑरिजनल कॉपी को अपलोड करें। साथ ही रेफरेंस लेटर्स भी अटैच करें। ऑनलाइन एप्लीकेशन के लिए क्रम से डॉक, जेपीजी, पीडीएफ के रूप में अपलोड करें। यदि संभव हो, तो इलेक्ट्रॉनिक कॉपी बनाने में पीडीएफ को प्राथमिकता दें। डॉक एक्स की फाइल स्वीकृत नहीं की जाएगी। किसी भी फाइल की साइज एक एमबी से अधिक नहीं होनी चाहिए। यदि आप हैवी फाइल अपलोड करना चाहेंगे, तो आपका आवेदन सक्सेसफुल नहीं हो पाएगा। इसकेबाद आपको सभी आवश्यक इंफॉर्मेशन फिर से टाइप करना पड़ेगा।अप्लाई करने के तुरंत बाद आपके पास कंफर्मेशन ईमेल आ जाएगी।

 

स्कॉलरशिप के लिए चुने गए कैंडिडेट को विदेश में रहने का खर्चा प्रति महीने 16 सौ यूरो मिलेगा। प्रति वर्ष 10 हजार यूरो दो इंस्टॉलमेंट में दिए जाएंगे। रजिस्ट्रेशन की राशि भी कम की जा सकती है।

आवेदन के लिए वेबसाइट देखें www.transnational.deusto.es


 

डॉ. मनमोहन सिंह स्कॉलरशिप की घोषणा

ब्रिटिश कांउसिल ने यूनिवर्सिटी ऑफ कैम्ब्रिज के सैंट जोन्स कॉलेज में पीएचडी अध्ययन के लिए 'डॉ. मनमोहन सिंह स्कॉलरशिप 2010Ó की घोषणा की है। ब्रिटिश काउंसिल की ओर से जारी एक विज्ञप्ति में कहा गया कि स्कॉलरशिप से विज्ञान एवं प्रोद्योगिकी, अर्थशास्त्र और सामाजिक विज्ञान जैसे विषयों में पीएचडी के अध्ययन के लिए भारतीय छात्रों की मदद मिलेगी। प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के सम्मान में यह स्कॉलरशिप 2007 में स्थापित की गई थी, जो सैंट जोन्स कॉलेज के स्नातक एवं मानद सदस्य हैं। इस साल 'एप्लीकेशंस इन एरोस्पेस इंजीनियरिंज्ज्तथा एनर्जी स्टडीजÓ मास रुचि के विषय होंगे।


 

पेनासोनिक स्कॉलरशिप प्रोग्राम

तकनीकी क्षेत्रों में अवसरों की भरमार है, लेकिन इसमें कोई दो राय नहीं कि आज डिमांड है रेडी टू इंडस्ट्री प्रोफेशनल्स (जो लगातार अपग्रेड कर रहे हैं और जिन्हें है एडवांस टेक्नोलॉजी का बेहतर ज्ञान) का। देखा जाए, तो इस लिहाज से सरकार बेहतर शिक्षा मुहैया कराने की तमाम प्रयास कर रही है। लेकिन इंडस्ट्री की दिग्गज कंपनियां भी इस मामले में पीछे नहीं हैं। कंज्यूमर गुड्स की विश्वस्तरीय कंपनी पेनासोनिक की पेनासोनिक स्कॉलरशिप प्रोग्राम इसी बात की बानगी पेश करता है। जो कैंडिडेट जापान की शिक्षण संस्थानों से संबंधित फील्ड में मास्टर करना चाहते हैं, वे इस स्कॉलरशिप प्रोग्राम के माध्यम से अपना यह सपना पूरा कर सकते हैं। पेनासोनिक इंडिया के सीईओ, मिस्टर डेईजो अल्टो के मुताबिक, यह स्कॉलरशिप प्रोग्राम प्रतिभावान छात्रों के लिए हैं। उनके लिए जो अर्थव्यवस्था को बेहतर बनाने और सामाजिक विकास में अपना योगदान दे सकते हैं।

क्या है उद्देश्य

v यह मानव संसाधन के बेहतर विकास को बढ़ावा देने के लिए है।

v तेजी से बदल रही अर्थव्यवस्था और इंडस्ट्री की मांग के अनुरूप प्रोफेशनल्स तैयार करने के लिए है।

v भारत और जापान के बीच आपसी समझदारी और साझेदारी का बढिय़ा अवसर प्रदान करना है।

क्या है जरूरी योग्यता

पेनासोनिक स्कॉलरशिप प्रोग्राम का लाभ उठाने के लिए जरूरी है कि एकेडमिक बैकग्राउंड शानदार हो और आप जापान से मास्टर कोर्स करना चाहते हों।

v आप खुद वित्तीय जरूरतों को वहन करने योग्य हों यानी आर्थिक रूप से मजबूत पृष्ठभूमि जरूरी है। v सबसे जरूरी योग्यता की बात की जाए, तो आपको जैपनीज भाषा का ज्ञान होना चाहिए।

मिलती है वित्तीय मदद

यदि आप पेनासोनिक स्कॉलरशिप प्रोग्राम के लिए चयनित हो जाते हैं, तो कंपनी यानी पेनासोनिक आपके सभी खर्चे वहन करती है। मसलन, आने-जाने का खर्चा, दाखिले का खर्चा, लाइब्रेरी, कोर्स का खर्चा, रहन-सहन में होने वाले तमाम खर्चे। गौरतलब है कि एडमिशन के समय आपको खुद फाइनेंस करना होता है, लेकिन बाद में ये सारे ार्चे कंपनी की तरफ से लौटा दिया जाता है।

क्या चाहिए दस्तावेज?

v टॉफेल, जीआरई आदि का प्रमाणपत्र।

v अपना पूरा प्रोफाइल यानी रेज्यूमे।

v सभी शैक्षणिक दस्तावेजों की कॉपियां।

चयन-प्रक्रिया

चयन की प्रक्रिया तीन चरणों में पूरी होती है। आइए जानें अंतिम रूप से चयनित होने के लिए आपको क्या करना होगा

v पहले चरण के तहत आवेदन पत्र भरना होगा। ये आवेदन पत्र आप आईआईटी समेत देश के कुछ प्रसिद्ध तकनीकी संस्थानों से प्राप्त कर सकते हैं। मसलन, आईआईटी मुंबई, दिल्ली, मद्रास, खडगपुर, रूडकी, दिल्ली कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग, कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग, पुणे आदि।

v दूसरे चरण के तहत कैंडिडेट का इंटरव्यू लिया जाता है। इसमें सभी शैक्षणिक प्रमाणपत्रों के साथ-साथ उनकी पर्सनैल्टी को देखा-परखा जाता है। इनमें उनकी कम्युनिकेशन स्किल, दूसरी संस्कृति में एडजस्ट करने की क्षमता खास तौर पर देखी जाती है। साथ ही जापान में रहने और शिक्षा ग्रहण करने को लेकर कैंडिडेट की रुचि को भी बारीकी से परखा जाता है।

v तीसरे चरण फाइनल इंटरव्यू है। हालांकि दूसरे चरण से यह मिलता-जुलता है। लेकिन चूंकि यह अंतिम चरण है, इसलिए बेहद फोकस्ड अप्रोच अपनाया जाता है। इसके तहत उन्हीं कैंडिडेट्स को वरीयता मिलती है, जो कंपनी के सीओओ, एचआर को अधिक उपयुक्त लगते हैं।

फास्ट फैक्ट्स

v मास्टर कोर्स के लिए यह स्कॉलरशिप प्रदान किया जाता है।

v यह एक वार्षिक प्रोग्राम है यानी हर वर्ष इसके लिए कैंडिडेट का चयन किया जाता है।

v इस स्कॉलरशिप के लिए केवल पर्सनल इंटरव्यू के आधार पर ही चयन होता है।

v जनवरी माह में इसकी अधिसूचना जारी की जाती है और जून-जुलाई तक ऑनलाइन आवेदन की प्रक्रिया पूरी होती है।


 

कॉमनवेल्थ स्कॉलरशिप

यदि आप स्कॉलरशिप के जरिए यूके से उच्च शिक्षा हासिल करना चाहते हैं, तो कॉमनवेल्थ स्कॉलरशिप आपके सपने को पूरा कर सकता है। कॉमनवेल्थ स्कॉलरशिप के नाम से यूनाइटेड किंगडम भारतीय छात्रों को अपने यहां मास्टर डिग्री कोर्स/ क्लिनिकल ट्रेनिंग / पीएचडी/ रिसर्च वर्क करने का मौका दे रही है। इसके लिए आवेदन की अंतिम तिथि 20 अक्टूबर, 2009 है। कॉमनवेल्थ स्कॉलरशिप कमीशन से संचालित होती है। यह एक पब्लिक संस्थान है, जिसे यूके की संसद ने स्थापित किया है। यह डेवलॅपिंग कंट्री के स्टूडेंट्स के लिए स्कॉलरशिप की व्यवस्था करता है। इस स्कॉलरशिप के लिए आवेदक की उम्र 40 वर्ष से अधिक नहीं होनी चाहिए।

कोर्स के प्रकार

1. क्लीनिकल ट्रेनिंग/ रिसर्च/ स्पेशलाइजेशन, अवधि-छह महीने

एमबीबीएस, बीडीएस, एमएस, एमडी डिग्री होल्डर्स इसके लिए अप्लाई कर सकते हैं। एरिया- कैंसर रिसर्च, कार्डियोलॉजी, गाइनकोलॉजी, मेडिसिन, डेंटिस्ट्री, ऑर्थोपेडिक्स, न्यूरोलॉजी और ईएनटी।

2. मास्टर्स कोर्स (एक वर्ष), डॉक्टोरल डिग्री (तीन वर्ष), रिसर्च (एक वर्ष)

क्षेत्र- इसके अंतर्गत चार क्षेत्र आते हैं। आप इनमें से किसी क्षेत्र का चुनाव कर सकते हैं। इंजीनियरिंग ऐंड टेक्नोलॉजी इलेक्ट्रॉनिक्स, एन्वॉयरनमेंटल स्टडीज, रिमोट सेंसिंग टेक्नोलॉजी, कम्यूनिकेशन इंजीनियरिंग, बायोटेक्नोलॉजी, बायोकेमिकल इंजीनियरिंग, रोबोटिक्स, कम्प्यूटर साइंस, एयरोनॉटिक्स, सिविल इंजीनियरिंग, मैरीन इंजीनियरिंग, माइनिंग इंजीनियरिंग साइंस (प्योर ऐंड अप्लाइड) मैथ्स, मोलीकुलर बायोलॉजी, फिजिक्स, केमिस्ट्री (फार्मास्युटिकल/मेडिसिनल केमिकल) एग्रीकल्चर एग्रोनॉमी ऐंड फॉरेस्ट्री ह्यूमेनिटीज ऐंड सोशल साइंसेज सोशियोलॉजी, मैनेजमेंट स्टडीज, इकोनॉमिक्स, साइकोलॉजी, लॉ, इंग्लिश (लिटरेचर/लिंगुइस्टिक), हिस्ट्री, फिलॉसफी, पोलिटिकल साइंस

क्वालिफिकेशन

बैचरल डिग्री हासिल करने वाले कैंडिडेट्स इस स्कॉलरशिप के लिए आवेदन कर सकते हैं। ह्यूमेनिटीज और सोशल साइंस के लिए 60 प्रतिशत या इससे अधिक अंक होने चाहिए, जबकि मेडिकल, इंजीनियरिंग ऐंड टेक्नोलॉजी, साइंस और एग्रीकल्चर में 65 प्रतिशत जरूरी है। पीएचडी की डिग्री के लिए कैंडिडेट के पास 31 अगस्त, 2010 तक मास्टर डिग्री होनी चाहिए। इसके अलावा, कैंडिडेट को एक पेज में यह लिखकर बताना होगा कि वह यूके में संबंधित विषयों में क्यों स्टडी या रिसर्च करना चाहता है। इस स्कॉलरशिप के लिए जरूरी है कि कैंडिडेट ने इंग्लिश माध्यम से पढ़ाई की हो। जहां तक सुविधाओं का सवाल है, तो यूके आने और कोर्स समाप्त होने पर लौटने के लिए इकोनॉमी क्लास का एयर फेयर दिया जाएगा। स्कॉलरशिप के अंतर्गत दी जाने वाली राशि इनकम टैक्स से मुक्त होगी।

आवेदन प्रक्रिया

यदि आप डाक से आवेदन भेजना चाहते हैं, तो सभी सर्टिफिकेट्स/ डिग्री/ डिप्लोमा की अटेस्टेड कॉपी इस पते पर भेज सकते हैं-

सेक्शन ऑफिसर,

मानव संसाधन विकास मंत्रालय हायर एजुकेशन डिपार्टमेंट,

एक्सटर्नल स्कॉलरशिप डिवीजन, ईएस 4 सेक्शन,

कर्जन रोड बैरेक्स,

कस्तूरबा गांधी मार्ग, नई दिल्ली-11001

यदि आप ऑनलाइन अप्लाई करना चाहते हैं, तो www.education.nic.in साइट पर विजिट कर सकते हैं।

 


बेल्जियम से स्कॉलरशिप

यदि आपकी रूचि पक्षियों की आदतों, पारिस्थितिकी (इकोलॉजी) आदि में शोध करने की है, तो यूनिवर्सिटी ऑफ एंटवर्प, बेल्जियम आपके लिए बेहतर विकल्प हो सकते हैं, क्योंकि यह यूनिवर्सिटी पक्षियों पर शोध करने के लिए स्कॉलरशिप मुहैया कराती है। यूनिवर्सिटी ऑफ एंटवर्प (antwerp) बेल्जियम की एक प्रमुख यूनिवर्सिटी है। यह एंटवर्प शहर में स्थित है। यहां करीब 15,000 स्टूडेंट्स हैं, जिसमें लगभग 1000 विदेशी हैं। यहां हमेशा इनोवेटिव आइडियाज पर रिसर्च वक्र्स होते रहते हैं। एंटवर्प यूनिवर्सिटी की डिपार्टमेंट ऑफ बायोलॉजी बिहैविअरल इकोलॉजी के क्षेत्र में शोध करने की व्यवस्था करती है।

शोध करने वाले स्टूडेंट्स को यूनिवर्सिटी में रिसर्च करने वाले समूह के साथ जुड़कर काम करना पड़ता है। यह समूह पक्षियों से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर रिसर्च करता है। जिसमें बाधा पहुंचाने पर पक्षियों के गीत में बदलाव व विकास, उनके पूरे जीवन, व्यवहार और हार्मोन में संबंध, इसमें अंडों के आकार और विकास पर मादा पक्षी के प्रभाव का भी रिसर्च वर्क शामिल है। इस स्कॉलरशिप के लिए स्टूडेंट्स में बिहैविअरल इकोलॉजी या फिर एंडोक्रिनोलजी विषय में रुचि होनी चाहिए। साथ ही, कैंडिडेट के पास बायोलॉजी या इससे संबंधित क्षेत्र में एमएससी की डिग्री जरूरी है।

इसके अलावा, एनिमल रिसर्च का अनुभव भी होना चाहिए। आवेदन करने के लिए एक पीडीएफ फाइल बनाएं, जिसमें रेज्यूमे, 250 शब्दों में एक संक्षिप्त लेख, जिसमें आपने रिसर्च के लिए संबंधित विषय क्यों चुना और इसकी प्रेरणा आपको कहां से मिली? इसकी पूरी जानकारी होनी चाहिए। वैसे, रेफरेंस लेटर देने की कोई बाध्यता नहीं होती है। इन सभी सूचनाओं को आप इस ईमेल पते को संरक्षित किया जा रहा है स्पैम बॉट से ! आपको यह देखने के लिए जावास्क्रिप्ट सक्रिय होना चहिये पर मेल कर सकते हैं। इस स्कॉलरशिप के लिए शुरुआत में एक वर्ष का कॉन्टै्रक्ट मिलेगा, इसके बाद यह अवधि बाद में चार साल तक के लिए बढ़ भी सकती है। यहां आपको रिसर्च कार्य करने के लिए बेहतरीन माहौल के साथ-साथ अपनी रुचि के अनुसार रिसर्च वर्क करने की पूरी आजादी होगी। इसके लिए नवंबर, 2009 तक दाखिले की प्रक्रिया पूरी कर ली जाएगी और फरवरी, 2010 के पहले सेशन शुरू हो जाएगा। आवेदन की अंतिम तिथि- 30 सितंबर, 2009 है। साथ ही अधिक जानकारी के लिए www.ua.ac.be साइट पर विजिट कर सकते हैं।


 

क्लाइमेंट चेंज पर जर्मनी से रिसर्च

पूरे विश्व में इन दिनों क्वाइमेंट चेंज पर चर्चा हो रही है। क्लाइमेंट चेंज के बारे में यदि आप और जानने की इच्छा रखते हैं, तो इससे संबंधित रिसर्च आप जर्मनी की इंटरनेशनल मैक्स प्लैंक रिसर्च स्कूल ऑन अर्थ सिस्टम मॉडलिंग संस्थान (आईएमपीआरएस-ईएसएम) से कर सकते हैं। इसकी विशेषता यह है कि यहां आपको रिसर्च करने के साथ-साथ फेलोशिप भी मिलेगा। इस रिसर्च प्रोग्राम के लिए अप्लाई करने स्टूडेंट्स के पास फिजिक्स/ जिओफिजिकल साइंसेज / केमिस्ट्री/ इकोलॉजी/ मैथेमेटिक्स/ कम्प्यूटर साइंस/ इंजीनियरिंग/ इकोनॉमिक्स/ पॉलिटिकल साइंस में मास्टर डिग्री होनी चाहिए। इसके अलावा, अंग्रेजी या फिर जर्मन भाषा पर अच्छी पकड़ जरूरी है।

इस प्रोग्राम के लिए आप ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। ऐप्लिकेशन फॉर्म के साथ सभी डॉक्यूमेंट्स को इलेक्ट्रॉनिक फॉर्मेट (स्कैन किया गया डॉक्यूमेंट्स) में ही ई-मेल करना होगा। आवेदन करने से पहले आपको ऑनलाइन रजिस्टर्ड होना पड़ेगा। ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन 1-8 सितंबर तक होगा। रजिस्ट्रेशन के बाद आपको एक मेल मिलेगा, जिसमें रजिस्ट्रेशन नंबर दिया जाएगा। इसी मेल के साथ आपको ऐप्लिकेशन फॉर्म भी मिल जाता है। डॉक्यूमेंट्स के तौर पर रेज्यूमे, मास्टर्स डिग्री से संबंधित डॉक्यूमेंट्स, थिसिस का टाइटल पेज, थिसिस किस विषय पर लिखा गया है, सूची पेज, विषय-वस्तु की लिस्ट, एमएससी के सर्टिफिकेट की कॉपी, एमएससी में लिए गए सभी कोर्स/ लेक्चर की फोटोस्टेट कॉपी, बीएससी के सर्टिफिकेट की कॉपी, बीएससी में लिए गए सभी कोर्स/ लेक्चर की फोटोस्टेट कॉपी, आपकी जान-पहचान के प्रोफेसर का यूनिवर्सिटी से ऑफिशिअॅली अप्रूव्ड रेफरेंस लेटर, एक ऐसा पत्र, जिसमें पीएचडी या रिसर्च करने के प्रेरणास्रोत, आईएमपीआरएस-ईएसएम संस्थान में पढऩे की वजह और रिसर्च टॉपिक का उल्लेख हो।

साथ ही अंग्रेजी भाषा के ज्ञान का प्रूफ, ऐसे सभी कागजात, जिसे आप ऐप्लिकेशन के लिए जरूरी समझते हैं, जैसे- आपका प्रकाशित लेख, जॉब रेफरेंसेज, किसी प्रकार के वर्कशॉप या अवार्ड के सर्टिफिकेट्स, सभी डॉक्यूमेंट्स इंग्लिश या जर्मन भाषा में ट्रांसलेट किया हुआ होना चाहिए। ऐप्लिकेशन फॉर्म के साथ भेजे गए डॉक्यूमेंट्स और इंटरव्यू के आधार पर ही आपको फेलोशिप के लिए सिलेक्शन होगा। इसके लिए दिसंबर में इंटरव्यू लिया जाएगा और पूरे तीन वर्ष के लिए आपको फाइनेंशियल सपोर्ट दिया जाएगा। पढ़ाई मार्च 2010 से शुरू होगी। आवेदन पत्र जमा करने की अंतिम तिथि 15 सितंबर, 2009 है।

अधिक जानकारी के लिए नीचे दिए गए साइट विजिट कर सकते हैं।

वेबसाइट - www.mpimet.mpg.de

 


19वीं भविष्य ज्योति स्कॉलरशिप

भारत का सबसे बड़ा आईटी स्कॉलरशिप प्रोग्राम-19वां भविष्य ज्योति स्कॉलरशिप टेस्ट, 13 सितंबर, 2009 रविवार को होगा। पूरे भारत में इस टेस्ट का आयोजन प्रमुख ग्लोबल टैलेंट डेवलपमेंट कॉर्पाेरेशन, एनआईआईटी कराता है। 19वर्ष पुरानी यह सलाना स्कॉलरशिप उन योग्य छात्रों और स्नातक के छात्रों की फीस माफ करती है, जो उन अलग-अलग उद्योगों में सफलतापूर्वक अपना करियर बनाना चाहते हैं, जहां सूचना टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल होता है। निट चाहता है कि इस वर्ष यह स्कॉलरशिप 12वीं की परफॉर्मेंस और पर्सनल इंटरव्यू के आधार पर दी जाए। इस टेस्ट के लिए ऐप्लिकेशन फॉर्म देश के सभी एजुकेशन सेंटर पर उपलब्ध होगा। अधिक जानकारी के लिए www.niit.com/bjs2009 पर लॉगऑन कर सकते हैं। ऐप्लिकेशन जमा कराने की अंतिम तिथि है-12 सितंबर, 2009

 


एनआरआई छात्रों के लिए स्कॉलरशीप योजना

स्कॉलरशिप प्रोग्राम फॉर डायस्पोरा चिल्ड्रन (एसपीडीसी) 2006-07 के अकादमिक सत्र में लॉन्च किया गया था। इसका मकसद था विदेशों में रह रहे भारतीय छात्रों के लिए उच्च शिक्षा को उपलब्ध कराना और भारत को उच्च शिक्षा के एक केंद्र के रूप में विकसित करना। इस योजना के तहत, इंजीनियरिंग, टेक्नोलॉजी, ह्यूमैनिटीज, लिब्रल आट्र्स, कॉमर्स मैनेजमेंट, जर्नलिज्म, होटल मैनेजमेंट, एग्रीकल्चर, एनीमल हसबेंड्री आदि विषयों में स्नातक की पढ़ाई कर रहे 100 पीआईओ/एनआरआई छात्रों को अधिकतम 4500 अमेरिकी डॉलर सलाना दिए जाते हैं। स्कॉलरशिप चिन्हित 40 देशों के एनाआरआई/पीआईओ (अप्रवासी भारतीय/भारतीय मूल के लोग) छात्रों के लिए खूली है, जहां भारतीय मूल के लोगों की संख्या ज्यादा है।