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| रेज्यूमे को दें इंप्रेसिव लुक |
जॉब सर्च का नया टूलयदि हाल के वर्षों पर नजर डालें, तो देखा जा सकता है कि जॉब-सर्च के लिए कैंडिडेट्स की निर्भरता 'जॉब-पोर्टल्स पर लगातार बढ़ती जा रही है। यह ऑनलाइन मीडियम न केवल कॉस्ट इफेक्टिव होता है, बल्कि इससे एम्प्लॉयर्स को भी सही एटिट्यूड वाले कैं डिडेट्स चुनने में मदद मिलती है। लेकिन जिस तरह टेक्नोलॉजी दिन-ब-दिन उन्नत होती जा रही है, उससे जॉब-सीकर्स के सामने जॉब-सर्च के नए-नए विकल्प सामने आने लगे हैं। जॉब सीकर्स चाहें, तो जॉब हंट के लिए जॉब पोर्टल्स के साथ नीचे दिए गए टूल्स का इस्तेमाल भी बखूबी कर सकते हैं : वेब 2.0 आजकल कुछ नए फॉर्मेट के वेबसाइट आ रहे हैं, जहां कैंडिडेट्स के लिए तमाम तरह की सुविधाएं मौजूद होती हैं। इसी तरह की एक जॉब साइट है- www.slideshare.net इस साइट पर आप प्रेजेंटेशन के अलावा, रेज्यूमे आदि भी अपलोड कर सकते हैं। इसके बाद यू-ट्यूब आदि जैसी साइट आपके वर्क को ऑनलाइन डिस्प्ले कर सकती है। कैंडिडेट्स भी इस रिसोर्स का इस्तेमाल करते हुए एम्प्लॉयर्स से संबंधित सूचनाएं एकत्र कर सकते हंै। वैसे, आजकल देखा गया है कि अधिकतर एम्प्लॉयर्स वेब-फें्रडली होते हैं। वे भी इस तरह की साइट का खूब उपयोग करते हैं। जाहिर है, इन साइट्स की मदद से भी जॉब तलाशने में मदद मिलती है। ब्लॉग्स से जॉब सर्च ब्लॉग अपने विचारों को बया करने का सबसे बेहतरीन माध्यम बन कर उभर रहा है। यही वजह है कि आज चाहे एम्प्लॉई हो या एम्प्लॉयर्स सभी ब्लॉग का खूब उपयोग करने लगे हैं। देखा जाए, तो आज रिक्रूटर्स भी कैंडिडेट्स को रिक्रूट करने से पहले उन्हें अच्छी तरह जानना और समझना चाहते हैं, जिसे परंपरागत इंटरव्यू के माध्यम से जानना अमूमन आसान नहीं होता है। ऐसे में ब्लॉग कैंडिडेट्स को जानने-समझने का एक अच्छा जरिया बनकर उभरा है। एचआर एक्सपर्टभी मानते हैं कि अब ब्लॉग भी सिलेक्शन का एक महत्वपूर्ण माध्यम बनाता जा रहा है। साथ ही, इस माध्यम से हमें कैंडिडेट्स को एनालिसिस करने के अलावा, उनके एटिट्यूड को समझने में भी काफी मदद मिलती है, जो कि आज के कॉर्पोरेट-वल्र्ड के लिए बेहद जरूरी है। वीडियो रेज्यूमे परंपरागत रेज्यूमे की जगह अब कैंडिडेट वीडियो रेज्यूमे का उपयोग करने लगे हैं। वैसे, रिक्रूटर्स भी वीडियो रेज्यूमे को आम रेज्यूमे पर तरजीह देने लगे हैं। यही वजह है कि अब वीडियो रेज्यूमे को चलन धीरे-धीरे जोर पकडऩे लगा है। एक्सपर्ट भी मानते हैं कि यदि किसी कैंडिडेट्स के पास वीडियो रेज्यूमे है, तो उन्हें आम कैंडिडेट्स की तुलना में अधिक वैल्यू मिलती है, क्योंकि वीडियो रेज्यूमे की मदद से एम्प्लॉयर्स को ऐसे कैंडिडेट्स को चुनने में काफी मदद मिलती है, जिनका प्रेजेंटेशन, क्वालिफिकेशन व अन्य स्किल कंपनी के अनुरूप हो। एक्सपर्ट का मानना है कि जिस तरह से आज प्रतिस्पर्धा बढ़ रही है, उससे वीडियो रेज्यूमे का चलन और तेजी से बढ़ेगा। सोशल नेटवर्किंग भारत में सोशल नेटवर्किंग साइट्स की लोकप्रियता दिन-ब-दिन बढ़ती ही जा रही है। इन साइट्स की बढ़ती लोकप्रियता की वजह से लोग अब बिजनेस साइट्स की बजाय इन साइट्स की तरफ आकर्षित हो रहे हैं। यही वजह है कि अब कंपनियां भी इन सोशल साइट्स की क्षमता की वाकिफ हो चुकी हैं और इसका इस्तेमाल सही कैंडिडेट्स को तलाशने में करने लगी हैं। देखा जाए, तो इन पोर्टल्स में एंट्री फ्री होती है, इसे देखते हुएकंपनियां अधिक से अधिक कैंडिडेट्स के प्रोफाइल को आसानी से खंगाल सकती हैं। यदि सोशल साइट्स की बात करें, तो फेसबुक की तुलना में आरकुट की पॉपुलरिटी आज भी ज्यादा है। यदि आपका प्रोफाइल आकर्षक है, तो इसका फायदा भी आपको मिल सकता है। यानी आने वाले दिनों में एम्प्लॉई के सामने जॉब हंट के और भी विकल्प होंगे।
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