अकाउंटिंग में करियर
आजकल प्रोफेशनल कोर्स का जमाना है। हर कोई प्रोफेशनल कोर्स कर बेहतर नौकरी पाना चाहता है। लेकिन आज के जॉब मार्केट को देखते हुए बीए, बीएससी और बीकॉम करना काफी नहीं रह गया है। करियर में आगे बढऩे के लिए इससे साथ-साथ आपको कोई-न-कोई प्रोफेशनल कोर्स भी करना होगा। अकांउटिंग एक ऐसा ही करियर है, जिसकी जरूरत हर छोटी-बड़ी प्राइवेट और सरकारी कंपनियों को होती है। गौर करने वाली बात यह है अकाउंटिंग प्रोफेशनल की डिमांड लगातार बढ़ रही है।
 
चार्टर्ड अकाउंटेंसी यानी सीए
इंडस्ट्री में चार्टर्ड अकाउंटेंट्स की डिमांड लगातार बढ़ती जा रही है। हालांकि सीए का काम काफी चुनौतीपूर्ण होता है। यदि आप इंस्टीट्यूट ऑफ चार्टर्ड अकाउंटेंट्स ऑफ इंडिया के तहत संचालित फाइनल कोर्स कम्पलीट कर लेते हैं, तो आपको अकांउंटिंग, ऑडिटिंग, कॉर्पोरेट फाइनेंस, प्रोजेक्ट इवैल्यूएशन, कंपनी व बिजनेज लॉ, टैक्सेशन एवं कॉर्पोरेट गवर्ननेंस के क्षेत्रों में अच्छी नौकरी या प्रैक्टिस करने का अवसर मिल सकता है। इसके लिए बारहवीं के बाद साल में दो बार होने वाले सीपीटी यानी कॉमन प्रोफेशिएंसी टेस्ट पास करने के बाद एडमिशन ले सकते हैं।
 
सीपीटी एग्जाम क्लीयर करने के बाद तीन माह की आर्टिकलशिप ट्रेनिंग और सौ घंटे की आईटीटी ट्रेनिंग लेनी होती है और फिर पीसीई यानी प्रोफेशनल कॉम्पिटेंस, एग्जाम में शामिल होना पड़ता है। आठ महीने की ऑडिट ट्रेनिंग छह माह की आर्टिकल ट्रेनिंग के बराबर होती है। पीसीई के बाद फाइनल एग्जाम देना होता है। इसे क्लीयर करने के बाद चार्टर्ड के रूप में जॉब या फिर प्रैक्टिस कर सकते हैं।
 
सीए करने के लिए नीचे दिए गए पते पर संपर्क कर सकते हैं :
v द इंस्टीट्यूट ऑफ चार्टर्ड अकाउंटेंट्स ऑफ इंडिया, आईसीएआई भवन, इंद्रप्रस्थ मार्ग, नई दिल्ली, फोन : 011-39893989
वेबसाइट : www.icai.org
 
कॉस्ट ऐंड मैनेजमेंट अकाउंटिंग
कॉस्ट ऐंड मैनेजमेंट अकाउंटिंग के क्षेत्र में माहिर पेशेवर इन्वेस्टमेंट प्लानिंग, प्रॉफिट प्लानिंग, प्रोजेक्ट मैनेजमेंट और इससे संबंधित मैनेजरियल निर्णय लेने जैसे अति महत्वपूर्ण कार्य करते हैं। कॉस्ट ऐंड मैनेजमेंट अकाउंटिंग से संबंधित कोर्स भारत सरकार की संस्था द इंस्टीट्यूट ऑफ कॉस्ट ऐंड वक्र्स अकाउंटेंट्स ऑफ इंडिया (आईसीडब्ल्यूएआई) संचालित करती है। इसके द्वारा तीन तरह के कोर्स संचालित किए जाते हैं-फाउंडेशन कोर्स, इंटरमीडिएट कोर्स और फाइनल कोर्स।
 
फाउंडश्ेान कोर्स के लिए न्यूनतम उम्र 17 है। किसी भी विषय से बारहवीं पास या बारहवीं की परीक्षा दे चुका छात्र आवेदन के लिए योग्य माना जाता है। अमूमन इसकी परीक्षा साल में दो बार-जून और दिसंबर में होती है। आप जिस परीक्षा में भाग लेना चाहते हैं, उससे कम से कम छह माह पहले नामांकन कराना पड़ता है। इंटरमीडिएट कोर्स में ऐसे स्टूडेंट एडमिशन ले सकते हैं, जिन्होंने या तो फाउंडेशन कोर्स पास कर लिया हो या फिर जो किसी मान्यताप्राप्त विश्वविद्यालय से ग्रेजुएट (म्यूजिक, डांस, फोटोग्राफी व पेंटिंग छोड़कर) हों।
 
इसके लिए न्यूनतम उम्र कम 18 वर्ष होनी चाहिए। इसमें भी परीक्षा वाले टर्म से कम से कम छह माह पहले प्रवेश लेना होता है। आईसीडब्ल्यूएआई द्वारा संचालित फाइनल कोर्स में वे छात्र ही एडमिशन ले सकते हैं, जिन्होंने इस संस्था से पहले इंटरमीडिएट कोर्स कर रखा है। कोर्स करने के बाद मैन्युफैक्चरिंग, मल्टीनेशनल कंपनी या सर्विस सेक्टर में आसानी से नौकरी मिल जाती है। वैसे, कोर्स के बाद आप भारत सरकार की इंडियन कॉस्ट अकाउंटिंग सर्विस भी ज्वाइन कर सकते हैं या फिर स्वतंत्र रूप से प्रैक्टिस भी कर सकते हैं।
 
सर्टिफिकेट इन अकाउंटिंग टेक्निशियंस
अकाउंटिंग प्रोफेनल्स की डिमांग लगातार जोर पकड़ती जा रही है। इसे देखते हुए आईसीडब्ल्यूएआई ने 'सर्टिफिकेट इन अकाउंटिंग टेक्निशियंस कोर्स की शुरुआत की है। कोर्स की अवधि एक साल है। इस कोर्स में भी दो स्तर हैं-पहला, प्रवेश स्तर पर 'फाउंडेशन कोर्स और दूसरा विशेषज्ञता स्तर पर 'कॉपिटेंसी कोर्स, जिसमें अकाउंटिंग संबंधी हर तरह के तकनीकी कौशल के बारे में बताया जाता है।
 
यह कोर्स अंग्रेजी के अलावा, हिन्दी माध्यम से भी किया जा सकता है। इसके लिए साल में दो बार एग्जाम होता है। दिसंबर माह की परीक्षा के लिए उसी वर्ष 26 जून तक और जून महीने की परीक्षा के लिए पूर्व वर्ष के 18 दिसंबर तक नामांकन कराया जा सकता है। इस परीक्षा से संबंधित अधिक जानकारी के लिए नीचे दिए गए पते पर संपर्क कर सकते हैं :
 
v आईसीडब्ल्यूएआई भवन, 3, इंस्टीट्यूशनल एरिया, लोदी रोड, नई दिल्ली-110003 फोन : 011-22418645, 22422156, 24622156
वेबसाइट : www.icwai.org
v आईसीडब्ल्यूएआई, 12, सदर स्ट्रीट, कोलकाता-700016 फोन : 033-22521031, 1034, 1602
 
कम्प्यूटर अकाउंटेंसी
आजकल हर काम में कम्प्यूटर की मदद ली जा रही है। अकाउंटिंग के क्षेत्र में भी इसका खूब इस्तेमाल होने लगा है। यही वजह है कि अब कार्यालयों में पहले की तरह मोटे-मोटे बही-खाते नहीं दिखते, क्योंकि इनकी जगह कम्प्यूटर्स ने ले ली है। इसकी डिमांड इसी से समझी जा सकती है कि आज अकेले भारत में 10 लाख से अधिक अकाउंटिंग प्रोफशनल्स इस फील्ड से जुड़े हैं, जिसमें हर साल वृद्धि हो रही है। इस तरह के काम में निपुणता के लिए अकाउंटेंसी के बेसिक्स के साथ-साथ कम्प्यूटर ऑपरेशन की अच्छी जानकारी जरूरी है।
 
इसके लिए बीकॉम या एमकॉम की कोई अनिवार्यता नहीं है, बल्कि आप चाहें, तो विभिन्न संस्थानों द्वारा चलाए जाने वाले ऐसे कोर्स में बारहवीं के बाद भी एडमिशन ले सकते हैं। इस तरह के कोर्स अमूमन डेढ़ साल की अवधि के होते हैं। इस कोर्स के तहत कॉमर्स, बैंकिंग, टैक्सेशन, टैक्स लॉ आदि की जानकारियों के साथ-साथ कम्प्यूटर ऐप्लिकेशन, फाइनेंशियल अकाउंटिंग, एडवांस प्रैक्टिकल अकाउंट्स, टैक्सेशन, एक्साइज ऐंड सर्विस टैक्स, पे-रोल, इन्वेस्टमेंट, बैंकिंग एवं फाइनेस से संबंधित हर तरह की जानकारी दी जाती है।
 
प्रमुख संस्थान
v आई 360 स्टाफिंग ऐंड ट्रेनिंग सॉल्यूशंस, नई दिल्ली
v नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ फाइनेंस अकाउंट्स, नई दिल्ली
v आईसीएफई, नई दिल्ली
v आईसीए, नई दिल्ली