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यूनिवर्सिटी ऑफ फ्लोरिडा के हालिया शोध में पाया गया है कि लड़कों के मुकाबले लड़कियों में लीडरशिप अर्थात नेतृत्व की क्षमता अधिक होती है, फिर चाहे वह कोई भी क्षेत्र क्यों न हो। लड़कियों ने लड़कों को हर फील्ड में पछाड़ा है और एक बेहतरीन लीडर के रूप में अपने आप को साबित भी किया है। इस शोध में यह भी पाया गया है कि एक अच्छा लीडर बनने के लिए जितने भी गुणों की जरूरत होती है, वे सारे गुण लड़कियों में स्वाभाविक रूप से मौजूद होते हैं। जैसे-जैसे वो टीन एज में प्रवेश करती हैं उनके अंदर दूसरों को लीड करने की क्षमता बढ़ जाती है।
यदि सही समय पर उनकी इन खूबियों की पहचान कर ली जाती है, तो वे एक बेहतरीन लीडर के रूप में पहचान बना सकती हैं। इस रिसर्च के प्रमुख डॉ एनरिक सैमुअल ने अपने शोध के लिए लड़के-लड़कियों का समूह तैयार किया था। तीन महीनों तक आयोजित विभिन्न मनोवैज्ञानिक टेस्ट्स के नतीजे में यह पाया गया कि अपने विचारों को दूसरे के समक्ष प्रस्तुत करने में और दूसरों को उन विचारों से सहमत करवाने में लड़कियां आगे हैं।
शार्पनेसः यह बहुत ही रोचक बात है कि किसी भी क्षेत्र की बारीकियों को समझने में लड़कियां ज्यादा शार्प होती हैं। साथ ही वे हर सिचुएशन की बारीकी को समझकर अपनी सूझबूझ से बेहतर परिणाम निकालती हैं। यह शार्पनेस लड़कों में कम होती है।
कमिटमेंटः किसी भी काम के प्रति प्रतिबद्घता यानी लड़कियों में ज्यादा होती है। वे एक बार जब किसी काम को करने का निश्चय कर लेती हैं, तो उसे परिणाम तक जरूर पहुंचाती हैं।
इच्छाशक्तिः मनोवैज्ञानिक रूप से लड़कियों की इच्छाशक्ति लड़कों से ज्यादा मजबूत होती है। और एक लीडर में यह गुण होना बहुत जरूरी है। बिना दृढ़ इच्छा शक्ति के कोई भी लीडर अपने किसी भी प्लान को कार्यान्वित नहीं कर सकता।
को-ऑर्डिनेशनः हर काम में सबसे ज्यादा जरूरी होता है तारतम्य स्थापित होना। एक लीडर के लिए यह जरूरी होता है कि वह अपने साथियों के साथ तारतम्य बिठा सके। इस मामले में भी लड़कियां लड़कों से काफी आगे हैं।
प्रोत्साहन की क्षमताः एक लीडर के लिए यह बहुत जरूरी होता है कि वो अपने साथियों का मनोबल बढ़ाते हुए सदा उनका प्रोत्साहन करता रहे। इस मामले में लड़कियां एक्पर्ट होती हैं वे अपने हर साथी का समय-समय पर आत्मविश्वास बढ़ाती रहती हैं।
मल्टी डायमेंशनल स्वभावः लड़कियों में कई भावों और विचारों को समझने की बेहतर क्षमता मौजूद होती है। सही निष्कर्ष निकालने का तरीका और उस पर सबकी सहमति दर्ज करवाने की कला भी वे जानती है।
एना विंटोरः दुनिया की सबसे मशहूर स्टाइल मैगजीन को लीड करना कोई आसान बात नहीं है। इस मुश्किल काम को आसान बनाया है एना विंटोर ने। एना के स्टाइल को पूरी दुनियाभर की टीन्स फॉलो करती है और हैरत की बात तो यह है कि ये स्टाइल दीवा एक बेहतरीन लीडर के रूप में पूरी दुनिया में वोग का कार्य संभाल रही हैं। एना कहती हैं कि ‘आय एम लीडर ऑफ स्टाइल’।
अंबिका हिंदुजाः अंबिका को बचपन से हर फील्ड में आगे रहने का शौक रहा है। अंबिका खुद कहती हैं कि टीन एज से ही मुझमें दूसरों को लीड करने की आदत रही है। यह मेरा घमंड नहीं, बल्कि मेरा आत्मविश्वास है। हिंदुजा प्रोडक्शन हाउस का संचालन करना कोई आसान बात नहीं है, पर अंबिका ने अपनी समझदारी और नए विचारों के दम पर इसे आसान कर दिया है।
प्रिया छटवालः प्रिया चटवाल विश्व की टॉप सुपर मॉडल्स में से एक रही हैं, लेकिन प्रिया कहती हैं ‘एक मॉडल होने के नाते मुझे हमेशा अपने डिजाइनर की बात माननी होती थी और मैं चाहती थी कि मैं सबको लीड करूं। इसलिए मैंने ताज जैसे बड़े ब्रांड में अपना बुटिक खोला, लेकिन मेंने हिम्मत नहीं हारी और आज मैंने नए सिरे से अपने काम को लीड करना शुरू किया है।
इंदिरा नुईः पेप्सीको कंपनी को लीड करना कोई आसान बात नहीं हैं, लेकिन अपनी कमाल की मैनेजमेंट स्किल्स और तकनीकी समझदारी को इस्तेमाल करके इंदिरा ने पूरी दुनिया में सर्वश्रेष्ठ ग्लोबल लीडर का उदाहरण पेश किया है।
युलिया टाइमोशैंकोः यूक्रेन जैसे कृषि प्रधान देश को दुनिया के सबसे अमीर राष्ट्रों की सूची में शामिल कैसे करवाया जाता है, यह कोई युलिया से पूछे। अपनी टीन एज से ही युलिया में दूसरों को गाइड करने की क्षमता रही है। आज वे दुनिया की सबसे प्रभावशाली लीडर्स में से एक हैं। खास बात यह है कि युलिया की पर्सनैलिटी भी स्टाइलिश है। साभार: भास्कर डॉट कॉम
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