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आईआईएम में ऐडमिशन पाने की हसरत करीब करीब हर स्टूडेंट्स की होती है, लेकिन पिछले कुछ सालों कॉमन ऐडमिशन टेस्ट (कैट) में इंजीनियरिंग के छात्र हावि रहे हैं। इस बार भी अब तक जिन दो आईआईएम से स्टूडेंट्स को कॉल आई हैं, उनमें आधे से अधिक इंजीनियर हैं। एक्सपट्र्स का कहना है कि कैट में दो तिहाई हिस्सा मैथ्स पर बेस्ड होता है। इसलिए इंजीनियरिंग की पढ़ाई करने वाले स्टूडेंट्स को इसे हल करने में अधिक कठिनाई नहीं होती है।
स्टूडेंट्स का कहना है कि अगर इंजीनियरिंग के साथ-साथ मैनेजमेंट की पढ़ाई भी की गई है तो अच्छी जॉब मिलना तय है। एमबीए करने के बाद जॉब प्रोफाइल बेहतर हो जाता है और सैलरी भी काफी ज्यादा मिलती है।
आईआईटी दिल्ली से मैथमैटिकल ऐंड कंप्यूटिंग में फाइव ईयर इंटिग्रेटेड एम. टेक. कोर्स कर रहे स्मित रस्तोगी को आईआईएम अहमदाबाद से कॉल आई है। स्मित ने 99.72 पर्सेंटाइल स्कोर हासिल किया। स्मित का कहना है कि हर साल आईआईटी से करीब 50 स्टूडेंट्स शॉर्टलिस्ट होते हैं और हर हॉस्टल में पढऩे वाले कुछ स्टूडेंट्स को कॉल जरूर आती है।
स्मित ने बताया कि मैथमैटिकल अबिलिटी के प्रश्न कैट में काफी पूछे जाते हैं और इंजीनियरिंग की पढ़ाई कर रहे स्टूडेंट्स इन प्रश्नों को जल्दी सॉल्व कर लेते हैं। कैट में टाइमिंग की अहमियत होती है और इसी कारण अच्छा स्कोर हासिल कर पाते हैं। आईआईटी दिल्ली से ही इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग कर रहीं श्वेता गोयल को आईआईएम शिलॉन्ग से कॉल आई है।
श्वेता ने बताया कि उन्होंने पहले चांस में ही कैट क्वॉलिफाई किया है। कैट के टॉपरों में से एक, यानी 100 पर्सेंटाइल स्कोर हासिल कर चुके विवेक गुप्ता ने दो साल पहले आईआईटी रुड़की से इंजीनियरिंग की पढ़ाई पूरी की थी। विवेक का कहना है कि इंजीनियरिंग की पढ़ाई करने वाले स्टूडेंट्स को कैट की तैयारी करने में फायदा होता है और अब आईआईएम में इंजीनियर्स का नंबर 70 से 80 पर्सेंट तक पहुंच गया है।
एक्सपट्र्स का कहना है कि पिछले पांच सालों से यह ट्रेंड जोर पकड़ रहा है। अब तक उन्हें करीब 100 स्टूडेंट्स की जानकारी है, जिन्हें शॉर्टलिस्ट किया गया है। इनमें से 80 इंजीनियर हैं। कैट तीन सेक्शन में डिवाइड होता है और दो सेक्शन में मैथमैटिकल अबिलिटी से जुड़े प्रश्न होते हैं।
कैट के लिए इस बार 2.41 लाख से अधिक स्टूडेंट्स ने रजिस्ट्रेशन करवाया था। अभी सभी आईआईएम ने कैंडिडेट की लिस्ट जारी नहीं की है। शॉर्टलिस्ट हुए कैंडिडेट को इंटरव्यू, ग्रुप डिस्कशन और एसे राइटिंग के इम्तिहान से गुजरना होगा और उसके बाद ही फाइनल लिस्ट बनेगी। स्टूडेंट्स आईआईएम अहमदाबाद को काफी पसंद करते हैं। कैट में टोटल पर्सेंटाइल के आधार पर कैंडिडेट का सिलेक्शन होता है।
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