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जीआईएस के विभिन्न करियर विकल्पों के बारे में जानकारी दें।
                                राहुल
जीआईएस या जिऑग्रफिकल इन्फॉर्मेशन सिस्टम या ग्लोबल पोजिशनिंग सिस्टम (जीपीएस) एक तेजी से उभरता हुआ प्रोफेशन है। इसकी उपयोगिता प्राकृतिक संसाधनों की खोजबीन से लेकर आपदा प्रबंधन तक के कार्यो में है। इसके अलावा, वाहन चालकों की सुविधा के लिए जीपीएस सिस्टम का इस्तेमाल वाहनों में किया जा रहा है। केवल यही नहीं, वाहनों की ट्रैकिंग एवं अपराधकर्मियों की धक-पकड़ में भी पुलिस विभाग द्वारा इस सिस्टम का इस्तेमाल बढ रहा है। प्रमुख संस्थानों में बेंगलूर यूनिवर्सिटी (बेंगलुरु), जेएनटी यूनिवर्सिटी (हैदराबाद) इत्यादि का उल्लेख किया जा सकता है।





बारहवीं (साइंस) का छात्र हूं। इसके बाद किस प्रकार की नौकरी मिल सकती है?
                                मोहन शर्मा


महज बारहवीं के बाद आप किसी अच्छी नौकरी या बेहतर भविष्य की कल्पना नहीं कर सकते, क्योंकि निजी क्षेत्र में छोटी-मोटी नौकरियों के अलावा, इसमें ज्यादा कुछ हासिल नहीं हो सकेगा। इसलिए बेहतर यही होगा कि आप कम से कम ग्रेजुएशन अवश्य कम्प्लीट करें। इसके बाद रोजगार के बारे में सोचें। संभव हो, तो आप रोजगार के साथ कॉरेस्पॉन्डेंस के जरिए अपनी पढाई जारी रखने के बारे में भी सोच सकते हैं।




ऑडियोलॉजी ऐंड स्पीच थेरेपी किस प्रकार का प्रोफेशन है और इस क्षेत्र में क्या स्कोप है?
                                विकास कुमार


पैरामेडिकल विषयों पर आधारित करियर विकल्पों में ऑडियोलॉजी ऐंड स्पीच थेरेपी का काफी महत्व है। दरअसल, ऑडियोलॉजिस्ट का कार्य ऐसे लोगों की मदद करना है, जो किसी कारणवश अपनी श्रव्य-शक्ति (सुनने की क्षमता) खो बैठते हैं अथवा बहुत कम सुनते हैं। दूसरी ओर, स्पीचथेरेपिस्ट का काम उन लोगों के उपचार से संबंधित है, जो बोलने, उच्चारण करने अथवा इसी प्रकार की समस्याओं का सामना कर रहे हैं। इसीलिए इस प्रकार के पाठ्यक्रम में जीव-विज्ञान पृष्ठभूमि के युवाओं को खास प्राथमिकता दी जाती है। जहां तक आजीविका अर्जन की बात है, तो सरकारी अस्पतालों से लेकर प्राइवेट अस्पतालों तक में इसकी नियुक्तियां की जाती हैं। इसके अलावा, तमाम एनजीओ भी इन लोगों की सेवाएं अपने विभिन्न सामाजिक कार्यकलापों में लेते हैं। कोर्स की बात करें तो 10+2 के बाद बीएससी (ऑडियोलॉजी ऐंड स्पीचथेरेपी), बीएससी (हियरिंग, लैंग्वेज ऐंड थेरेपी) और बीएससी (स्पीच ऐंड हियरिंग) सरीखे कोर्स देश भर के विभिन्न संस्थानों से संचालित किए जाते हैं। इन कोर्सो में दाखिला चयन परीक्षा के आधार पर दिए जाने का प्रावधान है।

प्रमुख संस्थान :  इंस्टीट्यूट ऑफ फिजियोथेरेपी ऐंड कम्युनिकेशन डिस्ऑर्डर (पटना), इंस्टीट्यूट ऑफ स्पीच हियरिंग (बेंगलुरु), ऑल इंडिया इंस्टीट्यूट ऑफ स्पीच ऐंड हियरिंग (मैसूर), क्रिश्चियन मेडिकल कॉलेज (वेल्लोर), ऑल इंडिया इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज (दिल्ली), पीजीआई ऑफ मेडिकल एजुकेशन ऐंड रिसर्च (चंडीगढ), जेएम इंस्टीट्यूट ऑफ स्पीचथेरेपी (पटना), डॉ. एमवी शेट्टी इंस्टीट्यूट ऑफ स्पीच ऐंड हियरिंग (मेंगलूर), मेडिकल ट्रस्ट हॉस्पिटल (कोच्चि) इत्यादि।


 


कंपनी सेक्रेटरी के रूप में करियर कितना महत्वपूर्ण हो सकता है? कृपया ट्रेनिंग देने वाले संस्थानों के बारे में आवश्यक जानकारी दें।
                                    सुनील कुमार


कंपनी सेक्रेटरी का पद न सिर्फ हाई प्रोफाइल होता है, बल्कि पैसे और शोहरत की दृष्टि से भी कम महत्वपूर्ण नहीं कहा जा सकता है। मैनेजिंग डायरेक्टर के बाद एक प्रकार से कंपनी सेक्रेटरी का ही स्थान होता है। देश में कंपनी सेक्रेटरी से संबंधित ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट ऑफ कंपनी सेक्रेटरीज ऑफ इंडिया द्वारा ही संचालित किया जाता है। इस संस्थान से कोर्स संपन्न करने के बाद प्रैक्टिसिंग कंपनी सेक्रेटरी बनने के लिए पंजीकरण भी इसी संस्थान में कराना पडता है। इसके बाद ही वे किसी कंपनी में कंपनी सेक्रेटरी के रूप में जॉब कर सकते हैं अथवा स्वतंत्र प्रैक्टिस के बारे में सोच सकते हैं। इसके फाउंडेशन कोर्स में 10+2 के बाद दाखिला लिया जा सकता है, जिसकी अवधि आठ माह तक हो सकती है। इसके बाद इंटरमीडिएट और फाइनल कोर्स के विभिन्न पेपर में पास करने की बाध्यता होती है। यह समस्त कोर्स अधिकतम पांच वर्ष की अवधि में समाप्त करने की बाध्यता होती है। संस्थान की शाखाएं देश के विभिन्न शहरों में हैं। इस बारे में अधिक जानकारी के लिए संस्थान के मुख्यालय द इंस्टीट्यूट ऑफ कंपनी सेक्रेटरीज ऑफ इंडिया, 22,इंस्टीट्यूशनल एरिया, लोधी रोड, नई दिल्ली-31 वेबसाइट : www.icsiindia.edu से संपर्क कर सकते हैं।

 


क्रिमिनोलॉजी में मास्टर डिग्री हासिल करने के लिए कौन-सा कोर्स करें? इससे संबंधित शिक्षण-प्रशिक्षण संस्थान के बारे में बताएं।
                                -अनीता वर्मा 

देश तरक्की कर रहा है, तो अपराधी भी पीछे नहीं हैं। लेकिन अपराधियों को काबू में करने के लिए विभिन्न उपाय किए गए हैं। इन्हीं में एक है क्रिमिनोलॉजी यानी अपराध विज्ञान का क्षेत्र। क्रिमिनोलॉजी में मास्टर डिग्री 2 वर्षो में प्राप्त की जा सकती है। इसमें प्रवेश के लिए किसी भी स्ट्रीम में ग्रेजुएट होना आवश्यक है। सभी प्रशिक्षण संस्थानों में प्रवेश परीक्षा के आधार पर होता है। प्रमुख संस्थान हैं :
नेशनल इंस्टीटयूट ऑफ क्रिमिनोलॉजी एंड फोरेंसिक साइंस, दिल्ली
www.nicfs.nic.in


डॉ. हरि सिंह गौड यूनिवर्सिटी, सागर
www.sagaruniversity.nic.in


यूनिवर्सिटी ऑफ मद्रास, सेनट्रेनी बिल्डिंग, चेपक, चेन्नई
www.unom.ac.in

 




एयरक्राफ्ट क्या मर्चेट नेवी में एमबीए पाठयक्रम कहीं संचालित है? कौन-सा कोर्स कहां से किया जा सकता है?
                                -महेंद्र वर्मा


एमबीए (मर्चेट नेवी) पाठयक्रम तो अभी कहीं नहीं संचालित है, लेकिन इससे मिलता-जुलता कोर्स एमबीए (शिपिंग एंड पोर्ट मैनेजमेंट) पाठयक्रम दो वर्षो में किया जा सकता है। इसमें प्रवेश के लिए बीबीए, बीकॉम, इंजीनियरिंग, इलेक्ट्रॉनिक्स, कंप्यूटर साइंस, आईटी अथवा मैरीन इंजीनियरिंग में न्यूनतम 50 प्रतिशत अंकों सहित बैचलर डिग्री होनी चाहिए। प्रवेश परीक्षा तथा साक्षात्कार के आधार पर दाखिले का प्रावधान है। अधिक जानकारी के लिए निम्न प्रशिक्षण संस्थानों की वेबसाइट पर विजिट करें : एकेडमी ऑफ मेरीटाइम एजुकेशन एंड ट्रेनिंग, चेन्नई वेबसाइट : www.ametindia.com
नरोत्तम मुरारजी इंस्टीटयूट ऑफ शिपिंग, मुंबई, वेबसाइट: www.nmis.net
अलगप्पा युनिवर्सिटी, वेबसाइट: www.aluniv.org


 


क्या दिल्ली स्थित किसी पॉलिटेक्निक से पत्राचार द्वारा घर बैठे कोर्स किया जा सकता है?
                                -मनोरमा


दिल्ली स्थित ऑलीशा पॉलिटेक्निक से पत्राचार द्वारा घर बैठे
नर्सरी टीचर्स ट्रेनिंग, प्राइमरी टीचर्स ट्रेनिंग, फैशन डिजाइनिंग, एडवांस फैशन डिजाइनिंग, कटिंग एंड टेलरिंग, टेक्सटाइल डिजाइनिंग
ब्यूटीकल्चर और कंप्यूटर सॉफ्टवेयर कोर्स में डिप्लोमा, पीजी डिप्लोमा तथा एडवांस डिप्लोमा कोर्स किया जा सकता है।
सभी पाठयक्रमों में प्रवेश के लिए 10+2 परीक्षा किसी भी विषय में उत्तीर्ण होना आवश्यक है। पता : आलीशा पॉलिटेक्निक, एल-2/47, न्यू महावीर नगर, आउटर रिंग रोड, विकासपुरी, नई दिल्ली-110 018, अंतिम तिथि : 14 अगस्त, 2007, फोन: 011-25991168

 


 


क्या बारहवीं के बाद एलएलबी की पढाई की जा सकती है? यदि हां, तो प्रमुख उच्चस्तरीय संस्थानों के पते प्रकाशित करें।
                                -गीता
बारहवीं के बाद एंटिग्रेटेड लॉ कोर्स (बीएएलएलबी) की पढाई पांच वर्षो में कंप्लीट कर सकते हैं। इन दिनों विभिन्न विश्वविद्यालयों में यह कोर्स संचालित किया जा रहा है। यहां तक कि निजी क्षेत्र के इंस्टीटयूट व कॉलेजों में भी एंटिग्रेटेड लॉ कोर्स की पढाई की जा सकती है। हालांकि, निजी कॉलेजों में फीस अधिक होती है। निजी इंस्टीटयूट या कॉलेजों में दाखिला लेने से पहले यह जरूर जांच-पडताल कर लें कि अमुक संस्थान/कॉलेज किस यूनिवर्सिटी से संबद्ध हैं। यदि इंस्टीटयूट/कॉलेज यूजीसी द्वारा मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय से संबद्ध हैं, तभी वहां दाखिला लें। कहीं मेरिट के आधार पर, तो कहीं प्रवेश परीक्षा के आधार पर दाखिले का प्रावधान है। इस वक्त विभिन्न विश्वविद्यालयों तथा निजी इंस्टीटयूट में दाखिले चल रहे हैं। बीएएलएलबी 5 वर्षो में कर सकते हैं। प्रमुख उच्चस्तरीय संस्थान व विश्वविद्यालय हैं :
नेशनल लॉ स्कूल ऑफ इंडिया यूनिवर्सिटी, बेंगलुरु (कर्नाटक)

नेशनल एकेडमी ऑफ लीगल स्टडीज एंड रिसर्च, हैदराबाद

चौधरी चरण सिंह यूनिवर्सिटी, मेरठ

नेशनल लॉ इंस्टीटयूट यूनिवर्सिटी, भोपाल (मध्यप्रदेश)

सिम्बोयसिस सोसाइटी लॉ कॉलेज, पुणे

आईएलएस लॉ कॉलेज, पुणे

गवर्नमेंट लॉ कॉलेज, चर्च गेट मुंबई

गुरु नानक देव यूनिवर्सिटी, अमृतसर

 


 


मैं नेट की परीक्षा देना चाहता हूं। कृपया मुझे बताएं यह परीक्षा कब, कहां होती है।
                                - अर्पिता कौशिक

नेशनल एलिजिबिलिटी टेस्ट अर्थात नेट परीक्षा यूजीसी द्वारा साल में दो बार जून और दिसंबर में आयोजित की जाती है। इस परीक्षा में बैठने के लिए मास्टर डिग्री में कम से कम 55 प्रतिशत अंक होने चाहिए। यूजीसी नेट परीक्षा में कुल तीन पेपर होते हैं, जिनमें रीजनिंग एबिलिटी, कॉम्प्रिहेंशन, करेंट अफेयर्स से संबंधित वस्तुनिष्ठ प्रश्न पूछे जाते हैं। इनमें एक पेपर अभ्यर्थी द्वारा चुने गए विषय पर होता है। इसमें आपको ग्रेजुएट, पोस्ट ग्रेजुएट स्तर पर उस विषय की गहरी जानकारी होनी चाहिए।


 


एनर्जी मैनेजमेंट पाठयक्रम कोर्स कितने प्रकार के होते हैं और कहां संचालित है?
                                -शर्मिला

एनर्जी मैनेजमेंट से संबंधित डिप्लोमा, पीजी डिप्लोमा, एडवांस डिप्लोमा करने के लिए बीई/बीटेक अथवा बीएससी (पीसीएम) उत्तीर्ण होना आवश्यक है। स्कूल ऑफ एनर्जी एंड एन्वायरमेंट स्टडीज (देवी अहिल्या विश्वविद्यालय इंदौर) के अंतर्गत एमटेक (एनर्जी मैनेजमेंट) दो वर्ष में तथा पीजी डिप्लोमा (एनर्जी मैनेजमेंट) और पीजी डिप्लोमा (ऊर्जा प्रबंधन/प्रशासन) एक वर्ष में किया जा सकता है। वेबसाइट: www.dauniv.ac.in पर विस्तृत जानकारी हासिल करें। पुणे यूनिवर्सिटी के अंतर्गत एमटेक (एनर्जी स्टडीज) पाठयक्रम 30 माह में कर सकते हैं। योग्यता बीई/बीटेक अथवा एमएससी उत्तीर्ण होना चाहिए। कुल सीटें 22 हैं। वेबसाइट: www.unipune.ernet.in इस प्रकार बुंदेलखंड इंजीनियरिंग एवं प्रौद्योगिकी संस्थान, कानपुर रोड, झांसी के अंतर्गत एमटेक (ऊर्जा इंजीनियरिंग) 2 वर्ष में किया जा सकता है। प्रवेश के लिए बीई/बीटेक उत्तीर्ण होना आवश्यक है।

 


 

एमसीए करने के बाद किस तरह की जॉब मिल सकती है और इस कोर्स के लिए मुझे कहां-कहां आवेदन करना चाहिए? कृपया सलाह दें।
                                करण पंथ, नोएडा

एमसीए कोर्स करने के लिए आप इंदिरा गांधी ओपन यूनिवर्सिटी, महर्षि दयानंद यूनिवर्सिटी, पंजाब टेक्निकॅल यूनिवर्सिटी आदि में आवेदन कर सकते हैं। लेकिन जहां तक एमसीए करने के बाद जॉब हासिल करने का सवाल है, तो इसके लिए आपको माइक्रोसॉफ्ट या सन टेेक्नोलॉजी में स्पेशियलाइजेशन प्राप्त करना होगा। चूंकि इन दोनोंं टेक्नोलॉजी को व्यापक मान्यता मिली हुई है, इसलिए उक्त दोनों में से किसी भी टेक्नोलॉजी में स्पेशियलाइजेशन हासिल करने के लिए देश के किसी भी आईटी संस्थान से संपर्क कर सकते हैं। हां, यदि आप चाहें, तो यह स्पेशियलाइजेशन ऑनलाइन भी प्राप्त कर सकते हैं। वैसे, एमसीए के अंतिम वर्ष में रहते हुए भी आप माइक्रोसॉफ्ट या सन टेेक्नोलॉजी मेंं स्पेशियलाइजेशन हासिल करके आईटी कंपनी में जॉब हासिल कर सकते हैं।



मैंने कम्प्यूटर साइंस में एमए और इकोनॉमिक्स में पीजी करने के साथ-साथ अंग्रेजी, हिंदी और पंजाबी टाइपिंग में डिप्लोमा भी किया है, लेकिन शारीरिक रूप से असमर्थ हूं। एक सूटेबॅल जॉब हासिल करने के लिए मुझे क्या करना चाहिए? कृपया मार्गदर्शन करें।
जगदीश राम, जालंधर


आपको सूटेबॅल जॉब की तलाश के क्रम में इन्फोसिस, टाटा कंसल्टेंसी, एयरटेल, जिन्दल स्टील आदि कंपनियों मेंं अपना प्रोफाइल भेजना चाहिए, क्योंकि ये कंपनियां अपने सामाजिक जिम्मेदारियों को भी बखूबी समझती हैं, इसीलिए आप जैसे लोगों को यहां जॉब मिलने में परेशानी नहीं होगी। वैसे, आप पंजाब की कुछ अच्छी कंपनियों मसलन, हीरो ग्रुप, वर्धमान ग्रुप, जेसीटी फगवारा आदि में भी अपना प्रोफाइल भेज सकते हैं। इसके अलावा, यदि आप चाहें, तो कम्प्यूटर ट्रेनिंग और डाटा प्रॉसेसिंग वर्क के लिए कम्प्यूटर सेंटर भी खोल सकते हैं। गौरतलब है कि अपना खुद का कम्प्यूटर सेंटर खोलने के लिए आपको लोन लेने में कोई खास परेशानी नहीं आएगी, क्योंकि सरकार की तरफ से आप जैसे लोगों की मदद के लिए कई तरह की स्कीम्स चलाई जा रही हैं।



मैंने नेशनल स्टॉक एक्सचेंज से मान्यता प्राप्त इरडा का सर्टिफिकेट प्राप्त किया है और अभी एमबीए कर रहा हूं। स्टॉक मार्केट में करियर बनाने के लिए मुझे क्या करना चाहिए? कृपया मार्गदर्शन करें।
पुष्कर, दिल्ली

अगर आप स्टॉक मार्केट में करियर बनाना चाहते हैं, तो इसकी बारीकियों को जानना बेहद जरूरी हैै। एमबीए करने के साथ-साथ आपको विभिन्न समाचार माध्यमों केे जरिए स्टॉक मार्केट से जुड़ी खबरों को खास नजर रखनी चाहिए। और जब आप एमबीए कोर्स पूरा कर लेते हैं और स्टॉक मार्केट के बारीकियों को भी धीरे-धीरे समझने लगेंगे, तब जाकर किसी स्टॉक ब्रोकर फर्म में आपको एक मैनेजमेेंट ट्रेनी के रूप में जॉब मिल सकती है। ट्रेनिंग पूरी होने के बाद आप किसी भी फाइनैंशियल ऑर्गनाइजेशन में अच्छी जॉब हासिल कर सकते हैं। हां, यदि आपकी रुचि अपना खुद का ट्रेडिंग बिजनेस शुरू करने की है, तो यह काम आप बखूबी कर सकते हैं।



मैं मैकेनिकल इंजीनियरिंग के तृतीय वर्ष का छात्र हूं और ऑनलाइन जॉब करना चाहता हूं। इसके लिए मुझे क्या करना चाहिए! कृपया जानकारी दें।
नीतिश झा, पलवल

इंजीनियरिंग एक फुलटाइम और डिमांडिंग कोर्स है और आपको इसमें अपना पूरा समय देना चाहिए। आप पार्ट-टाइम जॉब करने के बजाय इंजीनियरिंग कोर्स को पहले अच्छी तरह पूरा करने पर अपना ध्यान केंद्रित करें। लेकिन यदि आपको लगता है कि आप अपनी रुचि के किसी भी क्षेत्र में पार्ट-टाइम जॉब करते हुए भी वर्तमान कोर्स को अच्छी तरह कम्प्लीट कर सकते हैं, तो ऐसी स्थिति में निम्नलिखित कुछ वेबसाइट्ïस की मदद से अपने लिए सूटेबॅल पार्ट-टाइम जॉब सर्च कर सकते हैं। मसलन, sulekha.com, guru.com, homeworks.com, 2myjobs.com, biex.com आदि।




ग्रेजुएशन के बाद इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में करियर बनाने के लिए मुझे क्या करना चाहिए? कृपया विस्तार से जानकारी दें।

गगन चौधरी, मुजफ्फरनगर
जिस गति से आज रोजाना नई-नई टेक्नोलॉजी आ रही है, कम्यूनिकेशन सेटेलाइट्ïस, केबल नेटवर्क और डिश टीवी आदि का आगमन हो रहा है, उसी गति से इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में जॉब के अनगिनत अवसर पैदा हो रहे हैं। इसलिए चाहे आपने किसी भी विषय से ग्रेजुएशन क्यों न किया हो, इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में आपके लिए जॉब के ढेरों विकल्प मौजूद हैं। लेकिन इसके लिए आपको कुछ खास तरह की प्रोफेशनल ट्रेनिंग और डिग्री हासिल करनी होगी। यदि आप ग्रेजुएट हैं, तो आप मास मीडिया में पीजी डिप्लोमा कर सकते हैं। मास मीडिया में पीजी डिप्लोमा की कुल अवधि अमूमन एक या दो वर्ष की होती है। यानी कहीं यह एक वर्ष में और कुछ संस्थान ऐसे भी हैं, जहां से यह कोर्स आप दो वर्ष की अवधि में पूरा कर सकते हैं।

जहां तक दो-वर्षीय डिप्लोमा कोर्स का सवाल है, तो यह कोर्स आप मास कम्यूनिकेशन रिसर्च सेंटर, आईआईएमसी (दिल्ली), माखन लाल चतुर्वेदी यूनिवर्सिटी (भोपाल) और जामिया मिलिया इस्लामिया (दिल्ली) आदि से कर सकते हैं। ऐसे कई संस्थान हैं, जहां से आप 10+2 के बाद मास मीडिया में ग्रेजुएशन भी कर सकते हैं। मसलन, दिल्ली यूनिवर्सिटी, मुंबई यूनिवर्सिटी आदि देश के कई संस्थानों में दाखिला लेकर आप मास मीडिया के सभी आधारभूत पहलुओं को बारीकी से जान सकते हैं।

खास बात यह है कि उक्त संस्थानों में मास मीडिया के पाठ्ïयक्रम को वर्तमान दौर की आवश्यकता के अनुरूप डिजाइन किया गया है। अगर आप यहां दाखिला लेते हैं, तो कोर्स खत्म होने के बाद जॉब हासिल करने में आपको इसका फायदा मिल सकता है। और जहां तक मास मीडिया के करियर में प्र्रगति या प्रॉस्पेक्ट्ïस का सवाल है, तो यह आपकी योग्यता, कार्य-अनुभव, क्षमता, कल्पनाशक्ति और रचनात्मकता पर ही पूरी तरह निर्भर है।



सीबीएसई बोर्ड से बारहवीं कर रही हूं। दसवीं 91.8 प्रतिशत अंकों से किया है। सॉफ्टवेयर इंजीनियर बनना चाहती हूं, पर नैनो साइंस में भी दिलचस्पी है। बेहतर विकल्प क्या होगा?
अंजलि

आज के समय में इन दोनों क्षेत्रों में जोरदार संभावनाएं हैं, लेकिन आपको इनमें से किसी एक राह को चुनना होगा। आप बीसीए और एमसीए करके सॉफ्टवेयर इंजीनियर बनने की राह पर आगे बढ़ सकती हैं। अगर आप नैनो साइंस में करियर बनाना चाहती हैं, तो आपको दिल्ली स्थिति जवाहर लाल नेहरू या इसके समकक्ष किसी अन्य केंद्रीय यूनिवर्सिटी से एमएससी और पीएचडी करनी होगी। इसके बाद भी आप स्पेशलाइज्ड स्टडी कर सकती हैं।



-दसवीं और बारहवीं के बीच एक साल का गैप है। क्या इसकी वजह से मुझे आगे इंजीनियरिंग करने में परेशानी हो सकती है?
विजय

इंजीनियरिंग करने के लिए एंट्रेंस एग्जाम क्लियर करना होता है, इसलिए अगर आपने बारहवीं में काफी अच्छे अंक प्राप्त कर लिए और दसवीं में भी नंबर अच्छे होंगे तो एंट्रेंस क्लियर करने पर बीटेक या बीई में एडमिशन लेने में आपको कोई दिक्कत नहीं होगी।



-बीकॉम-प्रथम वर्ष का स्टूडेंट हूं। बीटीसी या बीएड करके टीचिंग सेक्टर में काम करना चाहता हूं। कृपया पूरी प्रक्रिया बताएं।
अनुस

बीएड यानी बैचलर ऑफ एजुकेशन करने के लिए पहले आपको ग्रेजुएशन पूरा करना होगा। इसके बाद आप एंट्रेंस एग्जाम क्लियर करके बीएड कोर्स में प्रवेश प्राप्त कर सकते हैं। बीएड करने के बाद आप सरकारी और निजी स्कूलों में अध्यापक बनने के पात्र हो जाएंगे। बारहवीं तक के सरकारी विद्यालयों में राज्य शिक्षा निदेशालय के स्तर पर नियुक्तियां होती हैं और इसके लिए लिखित परीक्षा तथा साक्षात्कार भी लिया जाता है। मान्यताप्राप्त निजी स्कूल में भी समान वेतनमान मिलता है, लेकिन वहां रिक्तियां होने पर केवल इंटरव्यू के आधार पर नियुक्ति पाई जा सकती है। बीटीसी यानी बेसिक टीचिंग सर्टिफिकेट जिला स्तर पर संचालित किया जाने वाला कोर्स है। बारहवीं के बाद ही इसके लिए आवेदन किया जा सकता है। इस कोर्स को पूरा करने के बाद सरकारी स्कूलों में सहायक अध्यापक पद पर नौकरी मिलने की पूरी गारंटी होती है।

 



-इंटर-मैथ का स्टूडेंट हूं। आईएएस ऑफिसर बनना चाहता हूं। साथ ही, बारहवीं के बाद बीसीए भी करना चाहता हूं, लेकिन मेरे मित्र कम्प्यूटर नेटवर्किंग या मोबाइल रिपेयरिंग कोर्स करने को कह रहे हैं। मार्गदर्शन करें।
अनुज

किसी भी क्षेत्र में करियर बनाने के लिए मित्रों या किसी अन्य के कहने पर कदापि न चलें। सबसे पहले अपनी क्षमता, योग्यता और रुचि को पहचानें। इसके बाद इसी के अनुरूप कदम आगे बढ़ाएं। अगर आईएएस के बारे में वाकई गंभीर हंै तो अभी से इससे एग्जाम को समझना और उस दिशा में सलाह-मशविरा लेना आरंभ कर दें।

सिविल सेवा परीक्षा के नाम से संघ लोक सेवा आयोग हर वर्ष इसके लिए परीक्षा आयोजित करता है। किसी भी स्ट्रीम और किसी भी श्रेणी में ग्रेजुएट इस परीक्षा में भाग ले सकते हैं। साथ ही सामान्य श्रेणी के उम्मीदवार के लिए उम्र सीमा 21 से 30 वर्ष है। अगर आप कोई ऐसा कोर्स करना चाहते हैं, जिसे पूरा करने के तत्काल बाद नौकरी पाने में आसानी हो तो आप अवश्य कम्प्यूटर नेटवर्किंग या मोबाइल रिपेयरिंग कोर्स कर सकते हैं। ऐसा कोर्स भी आपको किसी विश्वसनीय संस्थान से ही करना चाहिए। चूंकि बीसीए भी एक बैचलर कोर्स है, इसलिए इसे पूरा करने के बाद भी आप आईएएस की परीक्षा में शामिल हो सकते हैं।

 


 

ग्यारहवीं का स्टूडेंट हूं। कम्प्यूटर इंजीनियरिंग के बारे में जानना चाहता हूं।
-राहुल

इंफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी के आज के दौर में वैसे तो कम्प्यूटर के बारे में हर किसी को जानना जरूरी है, लेकिन यदि आप इस फील्ड में करियर बनाने के बारे में जानना चाहते हैं तो आप कई तरह से इसमें एंट्री कर सकते हैं। आमतौर पर किसी भी कम्प्यूटर में हार्डवेयर और सॉफ्टवेयर दो हिस्से होते हैं। हार्डवेयर जहां कम्प्यूटर की मशीनरी को कहा जाता है, वहीं सॉफ्टवेयर वे प्रोग्राम और कमांड होते हैं जिनसे इस मशीनरी को संचालित किया जाता है।

बारहवीं (पीसीएम) के बाद आईआईटी-जेईई, एआईईईई अथवा राज्य स्तरी इंजीनियरिंग एंट्रेंस एग्जाम्स के माध्यम से आईआईटी या किसी प्रमुख इंजीनियरिंग कॉलेज से कम्प्यूटर साइंस, आईटी में चार साल का बीटेक कोर्स करके इस फील्ड में प्रवेश किया जा सकता है। आप चाहें तो बीएससी कम्प्यूटर साइंस या फिर बीसीए यानी बैचलर आॅफ कम्प्यूटर साइंस करके भी इस क्षेत्र में जा सकते हैं।

अगर इस सेक्टर के प्रोफेशनल के रूप में और उच्च शिक्षा हासिल करनी है तो एमटेक, एमएससी या एमसीए भी कर सकते हैं। इसके अलावा, रिसर्च का क्षेत्र भी ओपेन है। यदि आप किसी प्रतिश्ठित संस्थान से कोर्स करते हैं तो कोर्स के दौरान ही कैम्पस प्लेसमेंट के जरिए आपको देश की प्रमुख आईटी या बीपीओ कंपनियों की तरफ से लाखों का पैकेज आॅफर मिल सकता है।

 



कॉमर्स का स्टूडेंट हूं। 12वीं के बाद मेरे लिए कौन सा कोर्स बेहतर होगा?
-हनी आहूजा

आज कॉमर्स का फील्ड काफी हॉट माना जा रहा है। अगर आपकी रुचि इस सब्जेक्ट में है तो आप आगे बीकॉम कर सकते हैं या फिर बारहवीं के बाद सीए यानी चार्टर्ड एकाउंटेंट कोर्स करने के बाद सोच सकते हैं, जो बेहद प्रतिश्ठित पेशा माना जाता है और कमाई भी असीमित है। हां, इस कोर्स को पूरा करना थोड़ा कठिन माना जाता है। यदि आप बीकॉम या बारहवीं के बाद ही जॉब पाना चाहते हैं तो इस सेक्टर में किसी ख्यातिप्राप्त निजी संस्थान से कम्प्यूटर एकाउंटेंसी का एक से डेढ़ साल का कोर्स भी कर सकते हैं। इसके बाद आपको आसानी से आठ से बारह हजार रुपये मासिक की नौकरी मिल सकती है। लेकिन वित्तीय क्षेत्र का विशेशज्ञ बनने के लिए आपको इस क्षेत्र में उच्च शिक्षा लेनी पडे़गी।

 



करेस्पॉडेंस से द्वितीय श्रेणी में एमकॉम किया है। इसके साथ पिछले साल से इंटरनेशनल कॉल सेंटर में काम करती रही हूं, पर अनियमित टाइमिंग से परेशान हूं। शुरू से टीचिंग में करियर बनाने की इच्छा रही है। क्या अब भी यह संभव है?
प्रीति

अगर कॉलेज या विश्वविद्यालय के स्तर पर टीचिंग करने की इच्छुक हैं तो आपको सबसे पहले यूजीसी द्वारा साल में दो बार आयोजित की जाने वाली नेट परीक्षा को उत्तीर्ण करना होगा या फिर अगर आप पीएचडी कर लेती हैं तो इससे आपको छूट मिल सकती है। इसके बाद आपको कॉलेजों व विश्वविद्यालयों द्वारा निकाली जाने वाली रिक्तियों के जवाब में आवेदन करना होगा। साक्षात्कार में सफलता पाने के बाद आपको लेक्चरर के रूप में नियुक्ति मिल सकती है।

अगर आप बारहवीं तक के स्कूलों में टीचिंग करना चाहती हैं तो आपको बीएड करना होगा जो करेस्पॉडेंस से संभव नहीं है। हां, प्राइवेट स्कूल में टीचिंग एक्सपीरिएंस के बाद इग्नू से बीएड का कोर्स करेस्पॉडेंस के माध्यम से किया जा सकता है। बीएड करने के बाद आप पब्लिक स्कूलों में भी अच्छे वेतन पर टीचिंग का काम हासिल कर सकती है। अगर आप बीटीसी या जेबीटी जैसा कोर्स कर लेती हैं तो राज्य सरकारों द्वारा संचालित प्राइमरी स्कूलों में नियुक्ति मिल सकती है। अपनी सुविधा के अनुसार आप इनमें से कोई सा भी विकल्प चुनकर आगे कदम बढ़ा सकती हैं।

 



एमकॉम का स्टूडेंट हूं। बैंक परीक्षाओं की तैयारी कर रहा हूं। आगे करियर के बारे में क्या करना चाहिए, उचित मार्गदर्शन करें।
राजीव

अगर आपकी रुचि बैंक में जॉब करने में है, तो आपको बिना विलंब इसके लिए गंभीरता से तैयारी आरंभ कर देनी चाहिए। ऐसा इसलिए, क्योंकि इन दिनों सार्वजनिक क्षेत्र के अधिकांश बैंकों ने क्लर्क और प्रोबेशनरी आॅफिसर दोनों पदों के लिए भारी संख्या में रिक्तियां निकाली हुई हैं। चूंकि इन रिक्तियों के जवाब में बड़े पैमाने पर बेरोजगार युवा आवेदन करेंगे, इसलिए प्रतियोगिता कठिन होना स्वाभाविक है। ऐसे में अपना चयन सुनिश्चित कराने के लिए जरूरी है कि तैयारी के मोर्चे पर आप तनिक भी न चूकें। एमकॉम करने के साथ-साथ आप प्रतियोगिता परीक्षा की तैयारी के लिए पूरी प्लानिंग करें और उसके अनुसार नियमित रूप से प्रश्नों को हल करने का जमकर अभ्यास करें।




मैं यूपीएससी की तैयारी करना चाहती हूं। क्या इसके लिए कोचिंग जरूरी है? चंूकि मैं जॉब भी करती हूं तो बताएं कि क्या जॉब के साथ तैयारी की जा सकती है-अगर हां, तो टाइम मैनेजमेंट और सोर्स आफ स्टडी के बारे में बताएं।
राधिका

अगर आप यूपीएससी की तैयारी को लेकर वाकई गंभीर हैं और जॉब करने के साथ-साथ इसके लिए समय निकाल सकती हैं तो आप अवश्य कामयाबी की डगर पर चल सकती हैं। इस बारे में सबसे पहले तो यह देखें कि क्या आप प्रतिदिन कम से कम चार से छह घंटे का समय निकाल सकती हैं या नहीं। अगर ऐसा कर सकती हैं तो यूपीएससी के सिलेबस के अनुसार प्रारंभिक और मुख्य परीक्षा के लिए वैकल्पिक विशय चुनकर तैयारी आरंभ कर दें।

ध्यान रखें, ऐच्छिक विशयों के साथ-साथ सामान्य अध्ययन की तैयारी भी जारी रखनी होगी। इसके लिए उपलब्ध समय को विशयों के अनुसार विभाजित कर लें। अगर आप खुद अच्छी तैयारी कर सकती हैं तो कोचिंग कोई जरूरी नहीं है, लेकिन यदि आपको लगता है कि आप खुद तैयारी करते समय लापरवाह हो सकती हैं तो बेहतर होगा कि आप कोई अच्छी कोचिंग ज्वाइन कर लें।

इससे आपकी पढ़ाई की निरंतरता बनी रहेगी। सामान्य अध्ययन के लिए तो आप समाचार पत्रों और पत्रिकाओं से तैयारी करें और अपने द्वारा चुने गए वैकल्पिक विशयों के लिए अपने सीनियर्स से प्रामाणिक पुस्तकों की जानकारी हासिल करें और उन्हें जुटाएं। साथ ही, नोट्स बनाकर तैयारी करें।

 



एमबीए कर रही हूं। मेरा स्पेशलाइजेशन मार्केटिंग और एचआर है। कृपया बताएं कि बेहतर करियर किसमें है? मैं एमबीए के बाद इन दोनों में से किसी में पीएचडी करना चाहती हूं। मुझे यह भी बताएं कि एमबीए और पीएचडी के बाद इस फील्ड में कितना स्कोप है?
सीमा

देखिए, एमबीए के इन दोनों क्षेत्रों में खूब स्कोप है। हालांकि इनमें कुछ बुनियादी अंतर है, जिन्हें जॉब से पहले आपको समझना होगा। एमबीए- मार्केटिंग के तहत जहां आपको किसी कंपनी का हिस्सा बनकर फील्डवर्क करना होगा, वहीं एमबीए-एचआर के तहत आपको आॅफिस में बैठकर कंपनी की एचआर पॉलिसी, एम्प्लॉई मैनेजमेंट आदि पर काम करना होगा।

इन दोनों में से आप कौन सा चुनती हैं, यह आपकी रुचि पर निर्भर करता है। वैसे मेरे विचार से अगर आप एमबीए-मार्केटिंग चुनें, तो अधिक बेहतर होगा। इसका कारण इसमें आगे बढ़ने की अधिक संभावनाएं होना है। अगर आपको इस फील्ड में एकेडमिक लाइन में जाना है तो पीएचडी करना बेहतर हो सकता है।




बीए पार्ट 2 का स्टूडेंट हूं। जॉब के साथ पढ़ाई करना चाहता हूं। मेरे लिए किस तरह का जॉब उपयुक्त रहेगा?
दीपक

वैसे तो पढ़ने के शौकीन लोग किसी भी जॉब में रहकर पढ़ाई जारी रख सकते हैं, लेकिन अगर नियमित पढ़ाई की बात करें तो इसके लिए पार्ट टाइम जॉब करना ही उपयुक्त होगा। यदि आप फुलटाइम जॉब करने के साथ-साथ पढ़ाई जारी रखना चाहते हैं तो इसके लिए आपको करेस्पॉडेंस कोर्स की मदद लेनी होगी। ऐसे कोर्स इग्नू के अलावा देश के कई विश्वविद्यालयों में उपलब्ध हैं। अगर आप टीचिंग में जॉब हासिल कर लेते हैं, तो आपको अन्य नौकरियों की तुलना में पढ़ाई के लिए काफी समय मिल सकता है।



बीसीए फाइनल सेमेस्टर में हूं। आगे के अध्ययन के बारे में मार्गदर्शन करें। जर्नलिज्म करूं या टूरिज्म?

राकेश

आपने अपने पत्र में यह नहीं बताया कि बीसीए में प्रवेश लेते समय आपके सामने क्या उद्देश्य था। बहरहाल, करियर के इस महत्वपूर्ण मोड़ पर आपको भटकाव और दुविधा त्यागकर अपनी रुचि के अनुरूप कोई सटीक फैसला करना होगा। अगर आपकी रुचि आईटी सेक्टर में है तो बेहतर यही होगा कि आप जर्नलिज्म या टूरिज्म के बारे में सोचने की बजाय इसी तरफ आगे बढ़ें और बीसीए के बाद जॉब ढूंढने या फिर एमसीए करके और अच्छी जॉब पाने की कोशिश करें। यह सेक्टर बेहतर इसलिए माना जा सकता है कि मंदी के दौर के बावजूद अधिकांश भारतीय आईटी और बीपीओ कंपनियों न केवल अपना अस्तित्व बरकरार रखा, बल्कि मंदी को धता बताते हुए मुनाफे की ओर भी बढ़ते रहे। चंूकि आप इस समय बीसीए फाइनल सेमेस्टर में हैं, इसलिए यह दिशा आपके लिए कहीं अधिक उपयुक्त होगी। आपकी जानकारी के लिए बता दें कि जर्नलिज्म में सिर्फ कोर्स कर लेना ही पर्याप्त नहीं होता, बल्कि इसके लिए कुछ बेसिक क्वालिटी होना भी बेहद जरूरी होता है। इसी तरह टूरिज्म में भी बिना बेहतर कोर्स किए अपने लिए जगह बना पाना काफी मुष्किल होगा।

 


 

पीपीटी एग्जाम में 2300वीं रैंक है। मुझे सीएस ब्रांच मिली है, लेकिन मेरी इसमें रुचि नहीं है। मैं इसे बदलना चाहता हूं। कृपया बताएं कि मेरे लिए कौन-सी ब्रांच उपयुक्त होगी?

रोहित

अगर आप रुचि न होने के कारण सीएस ब्रांच को बदलना चाहते हैं, तो बेहतर यही होगा कि सबसे आप अपनी रुचि को जानने-समझने का प्रयास करें और देखें कि किस ब्रांच में आपकी अधिक रुचि है, जिसमें आप अच्छा प्रदर्शन कर सकते हैं। यह भी देखना होगा कि उसमें आपको आसानी से प्रवेश मिल सकता है या नहीं। ऐसे ब्रांच सिविल और मैकेनिकल हो सकते हैं और इन दोनों में हमेशा संभावनाएं होती हैं।

 


 

बीएससी (प्रथम वर्ष-मैथ) कर रहा हूं। बारहवीं में 75 प्रतिशत अंक हैं। आईपीएस ऑफिसर बनना चाहता हूं। क्या मैं इसके योग्य हूं? इसकी प्रक्रिया क्या है और इसमें कितना खर्च आएगा?

 

मोहित शर्मा

आईपीएस यानी इंडियन पुलिस सर्विस में नियुक्ति सिविल सेवा परीक्षा के माध्यम से होती है। इस परीक्षा का आयोजन हर वर्ष संघ लोक सेवा आयोग द्वारा किया जाता है। इस परीक्षा में शामिल होने के लिए सबसे पहले आपको ग्रेजुएशन पूरा करना होगा। संघ लोक सेवा आयोग द्वारा हर वर्ष आयोजित की जाने वाली सिविल सेवा परीक्षा के माध्यम से आईएएस, आईपीएस और आईएफएस का चयन होता है। इस परीक्षा में 21 से 30 वर्ष की उम्र वाला कोई भी स्नातक युवा सम्मिलित हो सकता है। इस परीक्षा के तीन चरण होते हैं-प्रारंभिक परीक्षा, मुख्य परीक्षा और साक्षात्कार या व्यक्तित्व परीक्षण। आमतौर पर आयोग द्वारा प्रारंभिक परीक्षा के लिए दिसंबर में प्रमुख समाचार पत्रों और रोजगार समाचार में विज्ञापन प्रकाशित किए जाते हैं। यह परीक्षा मई में होती है।

 

यह ऑब्जेक्टिव टाइप के प्रश्नों पर आधारित स्क्रीनिंग टेस्ट होता है। इसमें 150 अंक का सामान्य अध्ययन का अनिवार्य प्रश्नपत्र (एक-एक अंक के 150 प्रश्न) और आवेदक द्वारा चुने गए किसी एक वैकल्पिक विषय (ढाई-ढाई अंक के कुल 120 प्रश्न) का 300 अंक प्रश्नपत्र होता है। जरूरी नहीं कि इसमें स्नातक में पढ़ा विषय ही लिया जाए। अभ्यर्थी अपनी रुचि के अनुसार आयोग की सूची से कोई भी विषय चुन सकता है।

प्रारंभिक परीक्षा उत्तीर्ण करने वाले उम्मीदवारों को मुख्य परीक्षा में प्रवेष मिलता है। इसमें सामान्य हिंदी और सामान्य अंग्रेजी के क्वालिफाइंग अनिवार्य प्रश्नपत्रों के अलावा सामान्य अध्ययन (300-300 अंक के दो प्रश्नपत्र) और निबंध का अनिवार्य प्रश्नपत्र (200 अंक का) भी होता है। इसके अतिरिक्त, अभ्यर्थी द्वारा चुने गए किन्हीं दो वैकल्पिक विषयों (दोनों के 300-300 अंक के दो-दो प्रश्नपत्र) की परीक्षा देनी होती है। इस तरह निबंधात्मक प्रकृति की मुख्य परीक्षा कुल 2000 अंकों की होती है। इसमें उत्तीर्ण होने वाले उम्मीदवारों को आयोग के मुख्यालय नई दिल्ली स्थित धौलपुर हाउस में साक्षात्कार (300 अंक का) के लिए आमंत्रित किया जाता है।

मुख्य परीक्षा और साक्षात्कार में प्राप्त अंकों के आधार पर कुल रिक्तियों के अनुपात में अंतिम वरीयता सूची बनाई जाती है और सफल उम्मीदवारों के नामों की घोषणा की जाती है। यह अच्छी बात है कि आप सही समय पर आईपीएस ऑफिसर बनने के बारे में सोच रहे हैं। अगर आप वास्तव में आगे इस परीक्षा में सम्मिलित होकर आईपीएस बनने के अपने सपने को सच करना चाहते हैं तो बेहतर यही होगा कि इस परीक्षा के स्तर को देखते हुए अभी से तैयारी आरंभ कर दें।

 

अभी से अपने वैकल्पिक विषय तय कर लें और सिविल सेवा परीक्षा के सिलैबस और पिछले वर्षों में पूछे गए प्रश्नों के आधार पर उसकी नियमित तैयारी भी आरंभ कर दें। सिलैबस आपको बाजार से मिल सकता है या फिर आप इसे आयोग की वेबसाइट www.upsc.gov.in पर भी देख सकते हैं। इसके साथ-साथ आप सामान्य अध्ययन और निबंध लेखन की तैयारी भी नियमित रूप से करें। बेहतर होगा कि नोट्स बनाकर तैयारी करें। अगर नियमित मार्गदर्शन चाहते हैं, तो प्रामाणिक कोचिंग इंस्टीट्यूट भी ज्वाइन कर सकते हैं।


 

मैं ग्रेजुएट हूं और आईटीआई भी किया है। आठ साल से स्टील फैक्टरी में काम कर रहा हूं और अब कॉरेस्पॉन्डेंस के माध्यम से इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग में डिप्लोमा करना चाहता हूं। कृपया इस बारे में मार्गदर्शन करें।

विनित

ताज्जुब की बात यह है इतने साल काम करने के बाद अब आप आगे की पढ़ाई के बारे में सोच रहे हैं। खैर कोई बात नहीं, कहावत गलत नहीं है कि देर आय, दुरुस्त आय। वैसे आपकी जानकारी के लिए बता दें कि टेक्निकल कोर्स आमतौर पर कॉरेस्पॉन्डेंस के माध्यम से नहीं कराए जाते। अगर आप आगे कोई तकनीकी कोर्स करना चाहते ही हैं और नौकरी से अवकास नहीं ले सकते या उसे छोड़ नहीं सकते, तो बेहतर यही होगा कि आप अपने शहर में ऐसे मान्यताप्राप्त निजी संस्थानों की तलाश करें जहां से आप पसंद का कोर्स पार्ट-टाइम में कर सकें।


 

10+2 पास कर चुकी हूं। अच्छे नंबर नहीं आए हैं। कृपया बताएं कि रोजगार की दृष्टि से आट्र्स विषय में कौन-कौन से कोर्स किए जा सकते हैं?

सोनल, फरीदाबाद
यह जरूरी नहीं कि 10+2 में प्रत्येक छात्र के नब्बे प्रतिशत से अधिक अंक आए। कम अंक लाने का मतलब हताशा का शिकार होना नहीं है। इसलिए आप भी अपने आत्मविश्वास को बनाए रखते हुए भविष्य में बेहतर प्रदर्शन करने का संकल्प करें। आट्र्स में तमाम ऐसे पाठ्यक्रम हैं, जिनका महत्व रोजगार और करियर निर्माण की दृष्टि से तेजी से बढ़ रहा है। इसमें अर्थशास्त्र (ऑनर्स), इतिहास, साइकोलॉजी, पॉलिटिकल साइंस, अंग्रेजी, ज्योग्रॉफी जैसे विषयों का खास तौर से उल्लेख किया जा सकता है। इनमें बीए (पास) अथवा बीए (ऑनर्स) करने के बारे में सोच सकती हैं। ये कोर्स नियमित कॉलेजों से नहीं कर पाने की स्थिति में कॉरेस्पोन्डेंस अथवा ओपन यूनिवर्सिटी के माध्यम से किए जा सकते हैं। ओपन और डिस्टेंस एजुकेशन संबंधित उत्तरी भारत के प्रमुख संस्थानों के नाम हैं :
v इंदिरा गांधी इंस्टीट्यूट नेशनल ओपन यूनिवर्सिटी, मैदानगढ़ी, नई दिल्ली
v कोटा ओपन यूनिवर्सिटी, कोटा
v मध्यप्रदेश भोज ओपन यूनिवर्सिटी, भोपाल
v नालंदा ओपन यूनिवर्सिटी, बिहार
v यूपी राजर्षि टंडन ओपन यूनिवर्सिटी, इलाहाबाद
v अन्नामलाई यूनिवर्सिटी, अन्नामलाई नगर
v अवधेश प्रताप सिंह यूनिवर्सिटी, रीवा
v हिमाचल प्रदेश यूनिवर्सिटी, शिमला
v कुरुक्षेत्र यूनिवर्सिटी, कुरुक्षेत्र
v महर्षि दयानंद यूनिवर्सिटी, रोहतक
v पंजाब यूनिवर्सिटी, चंडीगढ़
v पटना यूनिवर्सिटी, पटना।

10+2 के बाद टीचिंग के कौन-कौन से कोर्स किए जा सकते हैं?
अनामिका, मधुबनी, बिहार
10+2 के बाद टीचिंग पर आधारित तमाम तरह के डिप्लोमा एवं डिग्री कोर्सेज देश के विभिन्न सरकारी संस्थानों में उपलब्ध हैं। इनमें प्राय: एंट्रेंस टेस्ट के आधार पर एडमिशन मिलते हैं। इन कोर्सेज में विशेष तौर पर एनटीटी यानी नर्सरी टीचर्स ट्रेनिंग, ईटीटी (एलीमेंट्री टीचर्स ट्रेनिंग), बीटीटी (बेसिक टीचर्स ट्रेनिंग) तथा बैचलर ऑफ एलीमेंट्री एजुकेशन सरीखे कोर्सेज का उल्लेख किया जा सकता है। सभी राज्यों में इस तरह के कोर्सेज उपलब्ध हैं। दिल्ली में बैचलर ऑफ एलीमेंट्री एजुकेशन कोर्स अदिति कॉलेज, गार्गी कॉलेज, जीसस ऐंड मैरी कॉलेज , लेडी श्रीराम कॉलेज , एसपीएम कॉलेज तथा विवेकानंद महिला कॉलेज में उपलब्ध हैं। एनटीटी कोर्स डिस्ट्रिक्ट इंस्टीट्यूट ऑफ एजुकेशन ऐंड ट्रेनिंग, बाल भारती एनटीटीआई (पूसा रोड, दिल्ली), मानव भारती एनटीटीआई (पंचशील पार्क)आदि में हैं।

 


मैंने पीसीएम से बारहवीं किया है और अब बीकॉम. कर रही हूं। मैं आईएएस ऑफिसर बनना चाहती हूं। कृपया मेरा मार्गदर्शन करें।

शाहिदा परवीन

यह अच्छी बात है कि आप सही समय पर आईएएस ऑफिसर बनने के बारे में सोच रही हैं। आईएएस आप संघ लोक सेवा आयोग द्वारा हर साल आयोजित होने वाली सिविल सेवा परीक्षा के माध्यम से बन सकती हैं। हालांकि इस परीक्षा में सम्मिलित होने की न्यूनतम शैक्षणिक योग्यता स्नातक है, लेकिन इस परीक्षा के स्तर को देखते हुए कम से कम एक से दो साल पूर्व से इसकी तैयारी करना जरूरी होता है। अगर आप आईएएस बनने के अपने सपने को पूरा करना चाहती हैं, तो अभी से इसकी तैयारी में जुट जाएं।

आपकी जानकारी के लिए बता दें कि यह परीक्षा तीन चरणों में होती है-पहली प्रारंभिक परीक्षा, दूसरी मुख्य परीक्षा और तीसरे चरण में व्यक्तित्व परीक्षण यानी इंटरव्यू। पहला चरण एक तरह स्क्रीनिंग परीक्षा होती है जिसमें कैंडीडेट द्वारा चुने गए एक वैकल्पिक विषय (ढाई अंक के 120 प्रश्न) के साथ सामान्य अध्ययन (एक-एक अंक के 150 प्रश्न) के एक अनिवार्य प्रश्नपत्र की परीक्षा होती है। दोनों ही पेपर्स में ऑब्जेक्टिव टाइप के प्रश्न होते हैं।

इसमें क्वालिफाई करने के बाद मुख्य परीक्षा में प्रवेश मिलता है जो निबंधात्मक प्रकृति की होती है और उसमें कैंडीडेट को अपनी पसंद के कोई दो वैकल्पिक विषय चुनने होते हैं। इसके अलावा, अनिवार्य प्रश्नपत्रों में सामान्य अध्ययन के दो पेपर तथा निबंध का एक पेपर होता है। साथ ही, सामान्य अंग्रेजी और सामान्य हिन्दी का पेपर भी होता है, जिसमें क्वालिफाई करना अनिवार्य तो होता है, लेकिन इसकेअंक मेरिट बनाते समय जोड़े नहीं जाते। मुख्य परीक्षा में सफल अभ्यर्थियों को इंटरव्यू के लिए आयोग के नई दिल्ली स्थित मुख्यालय धौलपुर हाउस में बुलाया जाता है।

आखिर में मुख्य परीक्षा और साक्षात्कार में प्राप्त अंकों के आधार पर सफर अभ्यर्थियों की मेरिट लिस्ट जारी की जाती है। बेहतर होगा कि आप बाजार से पिछले वर्षों के प्रारंभिक और मुख्य परीक्षा के प्रश्नपत्र लेकर पैटर्न को समझने का प्रयास करें और अपने द्वारा चुने जाने वाले विषयों की तैयारी सिलैबस के अनुसार करना आरंभ कर दें। हो सके तो नोट्स भी बनाएं। अगर जरूरत समझें तो किसी विश्वसनीय कोचिंग संस्थान की भी मदद ले सकती हैं। इस परीक्षा के बारे में और अधिक जानकारी के लिए आयोग की वेबसाइट देख सकती हैं- www.upsc.gov.in


मैथ से बारहवीं कर रहा हूं। मैं यह जानना चाहता हूं कि बारहवीं के बाद मेरे लिए किस तरह का कोर्स बेहतर होगा?

रामसिंह ठाकुर

आज के समय में उपयोगी कोर्सों की कमी नहीं है, लेकिन किसी भी कोर्स का चुनाव करने से पहले आपको अपनी योग्यता और रुचियों का भी ध्यान रखना चाहिए। किसी को देखकर या फिर ग्लैमर के कारण किसी कोर्स का चयन हरगिज न करें। अगर आप बारहवीं के बाद इंजीनियरिंग फील्ड में जाना चाहता हैं और आईआईटी या समकक्ष संस्थानों से बीटेक और एमटेक करना चाहते हैं तो इसकेलिए आपको आईआईटी-जेईई या एआईईईई जैसी अखिल भारतीय प्रवेश परीक्षाओं या फिर राज्य स्तरीय इंजीनियरिंग एंट्रेंस परीक्षा में सम्मिलित होना होगा।

यदि आपकी इंजीनियरिंग में रुचि नहीं है तो फिर आप ग्रेजुएशन कर सकते हैं। यहां भी यदि आप बीएससी या बीए न करना चाहें और मैनेजमेंट की दिशा में जाना चाहें, तो बीबीए या बीबीई करने के बाद सीधे जॉब प्राप्त कर सकते हैं। इसके बाद आप नौकरी करते हुए एमबीए या पीजीडीबीएम भी कर सकते हैं। एक बार फिर याद दिला दें कि किसी भी कोर्स का चयन सोच-समझकर ही करें।


मैंने बीएससी पूरा कर लिया है और आगे एमएससी करना चाहता हूं। कृपया मुझे जॉब ऑप्शंस के बारे में बताएं।

मोहम्मद कासिर

आपने अपने पत्र में यह नहीं लिखा कि आपने बीएससी किस ब्रांच में की है और ऑनर्स किया है या पास कोर्स। बहरहाल, यदि आपने मैथ से बीएससी किया है तो आपके लिए बेहतर यही होगा कि आप एमएससी करके अपनी योग्यता को और बढ़ाएं। अगर आप कोई ऐसा कोर्स करना चाहते हैं जो जॉब ओरिएंटेड हो तो आप सीधे एमसीए भी कर सकते हैं।

इस कोर्स को करने के बाद न केवल आपको मास्टर डिग्री मिल जाएगी, बल्कि आपको मल्टीनेशनल कंपनियों में अच्छी सैलॅरी पर जॉब भी आसानी से मिल सकती है। यदि आप उच्च शिक्षा की तरफ बढऩा चाहते हैं, तो एमएससी के बाद एमफिल और पीएचडी करके टीचिंग और रिसर्च की दुनिया में प्रवेश कर सकते हैं। इस तरह आप साइंटिस्ट बनने की राह पर भी आगे बढ़ सकते हैं, लेकिन इसके लिए आपको स्पेशलाइजेशन वाले विषय भी चुनने होंगे। तभी आप इसरो, डीआरडीओ, बीएचईएल, एचएएल जैसी सार्वजनिक क्षेत्र की या फिर निजी क्षेत्र की कंपनियों में आसानी से करियर बना सकते हैं।


मैं बारहवीं उत्तीर्ण कर लिया है। आगे की पढ़ाई के बारे में मार्गदर्शन चाहता हूं। मैं ग्रामीण इलाके में रहता हूं, इसलिए क्या पत्राचार कोर्स मेरे लिए बेहतर रहेगा? पत्राचार से उपलब्ध कोर्सों के बारे में जानकारी दें।

राजेश सिंह, दरभंगा

इस समय रेगुलर के साथ-साथ पत्राचार से उच्च शिक्षा हासिल करने का बेहतर विकल्प उपलब्ध है। खास बात यह है कि यह भारत सरकार के डिस्टेंस एजुकेशन काउंसिल की देख-रेख में संचालित किया जा रहा है और इनकी मान्यता और महत्व रेगुलर कोर्सों से किसी भी मायने में कम नहीं है। यदि आपके आस-पास उच्च शिक्षा के लिए कोई बेहतर संस्थान नहीं है, तो आप पत्राचार माध्यम से कोर्स कराने वाले शिक्षण संस्थानों से संपर्क कर सकते हैं।

इसमें नई दिल्ली स्थित इंदिरा गांधी नेशनल ओपन यूनिवर्सिटी को बेहतर माना जा सकता है। यहां से अपनी रुचि और क्षमता के अनुसार कोई भी कोर्स कर सकते हैं। खास बात यह है कि यहां आज के जमाने के सभी कोर्स भी उपलब्ध हैं। वैसे, अपने निकटवर्ती शहर में भी इसके क्षेत्रीय केंद्र के बारे में पता कर लें या इस बारे में अधिक जानकारी के लिए ऐसे विश्वविद्यालयों की वेबसाइट देखें। पत्राचार कोर्स संचालित करने वाले कुछ प्रमुख विश्वविद्यालय इस प्रकार हैं :

इंदिरा गांधी नेशनल ओपन यूनिवर्सिटी www.ignou.ac.in

नालंदा ओपन यूनिवर्सिटी, बिहार www.nalandaopenuniversity.com

उत्तर प्रदेश राजर्षि टंडन ओपन यूनिवर्सिटी, इलाहाबाद इस ईमेल पते को संरक्षित किया जा रहा है स्पैम बॉट से ! आपको यह देखने के लिए जावास्क्रिप्ट सक्रिय होना चहिये

नेताजी सुभाष ओपेन यूनिवर्सिटी, कोलकाता इस ईमेल पते को संरक्षित किया जा रहा है स्पैम बॉट से ! आपको यह देखने के लिए जावास्क्रिप्ट सक्रिय होना चहिये

कोटा ओपेन यूनिवर्सिटी, राजस्थान रावतभाटा रोड, अकेलागढ, कोटा-324010

मध्यप्रदेश भोज ओपेन यूनिवर्सिटी इस ईमेल पते को संरक्षित किया जा रहा है स्पैम बॉट से ! आपको यह देखने के लिए जावास्क्रिप्ट सक्रिय होना चहिये

यशवंत राव चव्हाण ओपेन यूनिवर्सिटी, नासिक महाराष्ट्र www.ycmou.com

http://www.career7india.com/index.php?option=com_content&view=article&id=123&Itemid=98


मैं बारहवीं पास हूं और आईटीआई भी पूरा कर लिया है। अब मैं रेलवे में इंटर्नशिप करना चाहता हूं। कृपया इस संबंध में मार्गदर्षन करें।

राजीव, दमोह

आपने अपने प्रश्न में यह नहीं लिखा कि किस ब्रांच में आईटीआई किया है। वैसे अगर आप रेलवे में ही इंटर्नशिप करना चाहते हैं तो इस बारे में अपने निकटवर्ती बड़े शहर जैसे-नागपुर, इटारसी, भोपाल, जबलपुर आदि जैसे उन रेलवे स्टेशनों पर खुद पता करना होगा, जहां रेलवे से संबंधित निर्माण और मरम्मत कार्य होता है। रेलवे कारखानों में नियमित अंतराल पर इंटर्न रखे जाते हैं। अगर आपका प्रदर्शन अच्छा रहा तो आपको वहां स्थायी जॉब भी मिल सकती है।


मैंने 12वीं में 92 प्रतिशत अंक प्राप्त किए हैं। मुझे इंजीनियरिंग क्षेत्र में जॉब संभावनाओं के बारे में बताएं।

-राहुल, धमतरी

यह प्रशंसनीय है कि आपने इंटरमीडिएट में 92 प्रतिशत अंक हासिल कर अपनी जबर्दस्त योग्यता प्रदर्शित की है, लेकिन सिर्फ इसी आधार पर इंजीनियर नहीं बना जा सकता। इसके लिए अभी आगे आपको बहुत पढऩा है। बेहतर यही होगा कि आप आईआईटी-जेईई या एआईईईई या फिर राज्य स्तरीय इंजीनियरिंग एंट्रेंस परीक्षाओं में शामिल होकर उसे क्वालिफाई करें और किसी अच्छे इंजीनियरिंग कॉलेज में दाखिला लेकर अपने मनपसंद ब्रांच में बीटेक करें। इसके बाद आप एक प्रोफेशनल इंजीनियर के रूप में अपना करियर आरंभ कर सकते हैं।


आट्र्स स्ट्रीम में द्वितीय श्रेणी के साथ बारहवीं कम्पलीट किया है। मैं एनडीए ज्वाइन करना चाहता हूं। परिवार की आर्थिक स्थिति खराब होने के कारण मैं उच्च शिक्षा ग्रहण करने में सक्षम नहीं हूं। क्या मैं एनडीए ज्वाइन कर सकता हूं?

सुरेश कुमार निषाद, राजनादगांव

चूंकि एनडीए यानी नेशनल डिफेंस एकेडमी के कोर्स भारतीय सेना द्वारा संचालित किए जाते हैं, इसलिए एक बार सलेक्शन हो जाने के बाद रहने, खाने और प्रशिक्षण पर आने वाले सभी खर्चे सेना ही उठाती है। यदि आपकी रुचि है तो परिवार की आर्थिक स्थिति खराब होने के बावजूद आप इसके लिए प्रयास कर सकते हैं। संघ लोक सेवा आयोग द्वारा एनडीए में चयन के लिए साल में दो बार प्रतियोगिता परीक्षा का आयोजन किया जाता है।

इसमें साढ़े सोलह से लेकर उन्नीस साल के बारहवीं पास स्टूडेंट सम्मिलित हो सकते हैं। आट्र्स स्ट्रीम से पास युवा आर्मी विंग के लिए तथा फिजिक्स व मैथमेटिक्स से पास युवा आर्मी सहित एयरफोर्स और नेवल विंग के लिए भी आवेदन कर सकते हैं। चूंकि सीटों की संख्या सीमित होती है, इसलिए आपको कड़ी प्रतियोगिता परीक्षा से गुजरना होगा। यदि आप इसके लिए तैयार हैं और आपमें जुनून है तो आप अभी से जी जान से जुट जाइए। एनडीए परीक्षा के बारे में विस्तृत जानकारी के लिए आप यूनियन पब्लिक सर्विस कमीशन की वेबसाइट www.upsc.gov.in पर लॉग ऑन कर सकते हैं।


मैं साइंटिस्ट बनना चाहता हूं। बारहवीं के बाद मैंने आईआईटी-जेईई की तैयारी के लिए एक वर्ष ड्रॉप कर दिया था। कृपया आईआईटी के बाद करियर संभावनाओं के बारे में जानकारी दें। अनुराग अग्रवाल, दुर्ग

भारत के आईआईटी यानी इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी इस समय हॉट केक है। अपनी पढ़ाई की गुणवत्ता के कारण आमतौर पर यहां से पासआउट होने वाले स्टूडेंट कैम्पस प्लेसमेंट के जरिए देशी-विदेशी कंपनियों द्वारा हाथों-हाथ लिए जाते हैं और वह भी बेहद आकर्षक सैलॅरी पैकेज पर। यदि आपको आईआईटी में प्रवेश मिल जाता है, तो आपके साइंटिस्ट बनने की राह आसान हो जाएगी।

हालांकि साइंटिस्ट बनने के लिए आपको और अधिक उच्च शिक्षा हासिल करनी होगी। इसके लिए आपको आगे इंजीनियरिंग की तमाम शाखाओं, जैसे- एयरोनॉटिकल, स्पेस, फिजिक्स, पेट्रोलियम, रॉकेट, एयरक्राफ्ट आदि में से किसी एक में उच्च कोटि का रिसर्च भी करना होगा। इसके पश्चात इसरो, डीआरडीओ से लेकर अमेरिकी संगठन नासा तक में नियुक्ति के लिए प्रयास कर सकते हैं या फिर चाहें तो इनके अलावा अन्य तमाम क्षेत्रों में भी साइंटिफिक रिसर्च कर नाम और पैसा कमा सकते हैं।


बारहवीं करने के बाद बेहतर करियर के लिए मैं कोई प्राइवेट कोर्स या सर्टिफिकेट कोर्स करना चाहता हूं। कृपया मुझे मेरे गृह जिले में सर्टिफिकेट कोर्स के बारे में जानकारी दें ? रंजीत कुमार कश्यप, बस्तर

आज के दौर में बारहवीं के बाद ऐसे बहुत से जॉब ओरिएंटेड डिप्लोमा या सर्टिफिकेट कोर्स हैं, जिसे पूरा करने के बाद आसानी से नौकरी मिल सकती है। ऐसे कोर्सों में प्रमुख हैं-हार्डवेयर एवं नेटवर्किंग का चिप लेवॅल कोर्स, कम्प्यूटर एकाउंटेंसी कोर्स, मल्टीमीडिया, नॉन लीनियर एडिटिंग कोर्स, जर्नलिज्म व मॉस मीडिया का सर्टिफिकेट कोर्स, फैशन डिजाइनिंग, रेडियो जॉकी, रिटेल मैनेजमेंट, टूर ऐंड ट्रैवेल, एनिमेशन ऐंड गेमिंग, इंश्योरेंस आदि। इनमें से कई कोर्स आपके जिला मुख्यालय पर ही विभिन्न निजी संस्थाओं द्वारा संचालित किए जाते होंगे।

आप अपनी पसंद के अनुसार स्थानीय अखबारों व विज्ञापनों के माध्यम से उनका पता लगा सकते हैं। हां, एक बात का अवश्य ध्यान रखिएगा कि आप जहां भी प्रवेश लें, उस संस्थान की विश्वसनीयता, प्रशिक्षण की गुणवत्ता, प्लेसमेंट, फीस स्ट्रक्चर आदि के बारे में अच्छी तरह से जरूर पता कर लें। इसके लिए वहां पढ़ रहे या पढ़ चुके स्टूडेंट मददगार साबित हो सकते हैं। इस बात का भी ध्यान रखें कि वहां अपडेटेड कोर्स संचालित हो रहा है या नहीं।


बीसीए के बाद बीएड किया जा सकता है या नहीं? कृपया मार्गदर्शन करें। कुलदीप तिवारी

चूंकि बीसीए यानी बैचलर ऑफ कम्प्यूटर एप्लिकेशन ग्रेजुएशन कोर्स है, इसलिए इस कोर्स को पूरा करने के बाद बीएड किया जा सकता है कि बशर्ते कि बीसीए तीन साल की अवधि का हो। अगर दो वर्षीय बीसीए किया जाता है तो एक साल का ब्रिज कोर्स करने के बाद ही बीएड में प्रवेश पाने की योग्यता हासिल की जा सकती है। वैसे आमतौर पर सभी विश्वविद्यालयों और अन्य मान्यताप्राप्त संस्थानों में बीसीए कोर्स तीन साल की अवधि का ही होता है।


मैंने 2009 में सीबीएसई बोर्ड से मैथ स्ट्रीम में 53 प्रतिशत अंकों से बारहवीं कम्पलीट किया है। यदि मैं इम्प्रूवमेंट देता हूं और उसमें 60 प्रतिशत से अधिक अंक हासिल कर लेता हूं, तो क्या 2010 में मै आईआईटी-जेईई के लिए योग्य हो जाऊंगा या नहीं? यदि हां, तो आईआईटी एंट्रेंस फॉर्म में मुझे क्या लिखना होगा-एपीअर्ड या पास्ड? हरीश तिवारी

इम्प्रूवमेंट का मतलब अंक सुधार होता है यानी कि किसी कारण आपको किसी पेपर में कम अंक मिले हैं और हो सकता है कि उस पेपर का इम्प्रूवमेंट कराने पर आपके कुछ अंक बढ़ जाएं। हालांकि इसकी कोई गारंटी नहीं होती है। फिर भी अगर आपके अंक बढ़ जाते हैं और आपके एग्रीगेट नंबर 60 प्रतिशत से अधिक हो जाते हैं, तो आप अगले साल यानी 2010 के लिए आईआईटी-जेईई का फॉर्म भरने के योग्य हो जाएंगे। चूंकि आपके नंबर इम्पू्रवमेंट के तहत बढ़े होंगे न कि बैक पेपर या सप्लिमेंटरी एग्जाम देकर, इसलिए आप आईआईटी के एंट्रेंस फॉर्म में बेहिचक पास्ड यानी उत्तीर्ण लिख सकते हैं।


सीबीआई और सीआईडी सर्विस के बारे में बताएं।

मनीष कुमार मिश्रा

सीबीआई और सीआईडी दोनों ही सरकारी गुप्तचर संस्थाएं हैं, लेकिन सीबीआई यानी सेंट्रल ब्यूरो ऑफ इनवेस्टिगेशन जहां केंद्र सरकार के गृह मंत्रालय के अधीन कार्य करती है, वहीं सीआईडी यानी क्रिमिनल इनवेस्टिगेशन डिपार्टमेंट राज्य सरकारों के अधीन कार्य करती है। राज्य में घटित संदिग्ध आपराधिक घटनाओं की छानबीन के लिए सरकार सीआईडी की मदद लेती है, जबकि देश में घटित होने वाली किसी बड़ी या विवादास्पद घटना की जांच केंद्र सरकार की अनुमति से सीबीआई से कराई जाती है। सीबीआई में ऊपरी लेवॅल यानी एसपी, डीएसपी, डीआईजी, आईजी पदों पर भर्ती इंडियन पुलिस सर्विस अर्थात आईपीएस संवर्ग से की जाती है, जबकि इंस्पेक्टर, सब-इंस्पेक्टर पर स्थानीय पुलिस के चुनिंदा कर्मचारियों को लिया जाता है। इसके अलावा, सीबीआई अपनी आवश्यकतानुसार भर्ती के लिए खुद भी यदा-कदा विज्ञापन निकालती है। उधर, सीआईडी में राज्य की स्थानीय पुलिस से भर्ती की जाती है। आमतौर पर इसके लिए अलग से भर्ती नहीं की जाती। हालांकि राज्य सरकार यदि आवश्यक समझे, तो इसके लिए अलग से भर्ती कर सकती है।


कैट किसके लिए होता है? कैट की प्रक्रिया क्या है? आईआईएम में एडमिशन कैसे होता है? आईआईएम में एडमिशन के लिए क्या करें? 'कैटÓ क्या है? कृपया मुझे इसकी प्रक्रिया के बारे में बताएं। अंकित

'कैटÓ का पूरा नाम है 'कामन एडमिशन टेस्टÓ। यह टेस्ट के आधार पर ही देश के प्रतिष्ठित 6 प्रबंधन संस्थानों में प्रवेश दिया जाता है।

इन संस्थानों में प्रमुख हैं:

इंडियन इंस्टीट्यूट आफ मैनेजमेंट-अहमदाबाद

इंडियन इंस्टीट्यूट आफ मैनेजमेंट-बंगलुरू

इंडियन इंस्टीट्यूट आफ मैनेजमेंट-कोलकाता

इंडियन इंस्टीट्यूट आफ मैनेजमेंट-लखनऊ

इंडियन इंस्टीट्यूट आफ मैनेजमेंट इंदौर

इंडियन इंस्टीट्यूट आफ मैनेजमेंट-कोझिकोड

इसके अलावा देश के कुछ अन्य प्रतिष्ठित बिजनेस स्कूल भी कैट स्कोर के आधार पर प्रवेश देते हैं। इसमें आमतौर पर वर्बल एबिलिटी, रीडिंग काम्प्रिहेंशन (अंग्रेजी), डाटा एंटरप्रेटेशन, लाजिकल ऐंड वर्बल रीजनिंग, मैथ प्राब्लम्स इत्यादि खंडों पर आधारित प्रश्न पूछे जाते हैं। प्रश्नों का स्वरूप और संख्या निश्चित नहीं होती है और इसमें हर साल परिवर्तन दिखाई देता है। इसके अलावा निगेटिव मार्किंग भी होती है, जिसके कारण उत्तर बहुत सोच-समझ के देना होता है अन्यथा उत्तर गलत होने पर सही उत्तरों के अंक भी कट जाते हैं। इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ प्रबंधन संस्थानों द्वारा हर साल आयोजित की जाने वाली इस परीक्षा के लिए अमूमन अगस्त माह में आवेदन किए जाते हैं और प्राय: नवंबर में टेस्ट आयोजित किया जाता है। इसमें किसी भी स्ट्रीम से स्नातक उत्तीर्ण आवेदन कर सकते हैं। भारतीय प्रबंधन संस्थानों और कैट के बारे में और अधिक जानकारी के लिए निम्नलिखित वेबसाइट्स की मदद ली जा सकती है


बारहवीं में कम अंक आने के कारण किसी अच्छे संस्थान में प्रवेश नहीं मिल पाया। परेशान हूं। आगे मुझे क्या करना चाहिए? मार्गदर्शन करें विनय साहू, चंपारण

अगर किसी संस्थान में प्रवेश नहीं मिला तो परेशान न हों। आज के दौर में आपके सामने कई विकल्प हैं, जिनमें से अपनी पसंद का कोर्स चुनकर आप न केवल आगे की पढ़ाई जारी रख सकते हैं, बल्कि आपको अच्छी नौकरी हासिल करने में भी मदद मिलेगी। बेहतर होगा कि आप डेढ़ से दो साल की अवधि वाले प्रोफेशनल कोर्सों में प्रवेश लें। ऐसे कोर्सों में कम्प्यूटर हार्डवेयर-नेटवर्किंग, एनिमेशन, मल्टीमीडिया, मोबाइल ट्रेनिंग, कम्प्यूटर अकाउंटिंग, फैशन डिजाइनिंग, फुटवियर डिजाइन आदि प्रमुख हैं। आप अपनी पसंद के अनुसार इनमें से कोई भी कोर्स चुन कर संबंधित संस्थानों में प्रवेश ले सकते हैं। इस तरह के कोर्स सरकारी संस्थानों के अलावा निजी क्षेत्र के संस्थानों द्वारा भी संचालित किए जाते हैं। एक बात का जरूर ध्यान रखें कि किसी भी संस्थान में प्रवेश लेने से पहले वहां की गुणवत्ता और विश्वसनीयता की जांच अवश्य कर लें, ताकि आपको वहां समुचित सैद्धांतिक और व्यावहारिक ट्रेनिंग मिल सके। आप इसके साथ-साथ डिस्टेंस लर्निंग से ग्रेजुएशन की पढ़ाई भी कर सकते हैं। इससे आप जॉब ओरिएंटेड के साथ-साथ उच्च शिक्षा हासिल कर सकते हैं।


मैं सार्वजनिक क्षेत्र के बैंक में क्लर्क की नौकरी पाना चाहती हूं। इसके लिए मुझे क्या करना होगा?

विनीता, कानपुर

अगर आपने बारहवीं उत्तीर्ण कर लिया है तो आप देश के विभिन्न सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों द्वारा आयोजित की जानी वाली क्लर्क गे्रड परीक्षा में सम्मिलित होकर अपना लक्ष्य हासिल कर सकती हैं। सार्वजनिक क्षेत्र के प्राय: सभी सरकारी बैंक समय-समय पर दैनिक समाचार पत्रों और सूचना व प्रसारण मंत्रालय द्वारा प्रकाशित किए जाने वाले साप्ताहिक रोजगार समाचार पत्र में इस संबंध में विज्ञापन जारी करते हैं। अत: आप पत्र-पत्रिकाओं पर नजर रखें और यथासमय आवेदन करें। बेहतर होगा कि आप बैंकों की वेबसाइट या बाजार में उपलब्ध मासिक प्रतियोगिता पत्रिकाओं की मदद से इन परीक्षाओं के प्रारूप को जानें-समझें और इसके अनुरूप प्रैक्टिस आरंभ कर दें, क्योंकि ऐसी प्रतियोगिता परीक्षाओं में प्रष्नों को गति और शुद्धता के साथ हल करना होता है। आपकी जानकारी के लिए बता दें कि क्लर्क ग्रेड परीक्षा में आमतौर पर वर्बल-नॉन वर्बल रीजनिंग, मैथ, क्लेरिकल एप्टीट्यूट और अंग्रेजी पर आधारित ऑब्जेक्टिव प्रश्न पूछे जाते हैं। अगर आपने पर्याप्त अभ्यास किया है तो इस तरह की परीक्षा आप आसानी से उत्तीर्ण कर सकती हैं।


बारहवीं तथा स्नातक के उपरांत लॉ से संबंधित कौन-कौन से डिग्री कोर्स किए जा सकते हैं? क्या इन पाठ्यक्रमों को कम्पलीट करने के बाद अदालतों में प्रैक्टिस की जा सकती है?

मनोज, फरीदाबाद

भारत की लगातर बढ़ती जनसंख्या के साथ ही अदालतों में मुकदमों की संख्या में भी तेजी से बढ़ोतरी हो रही है, इसलिए अदालतों में प्रशिक्षित कुशल व अनुभवी अधिवक्ताओं की हमेशा जरूरत रहती है। वैसे, पिछले कुछ सालों से कॉरपोरेट क्षेत्र में भी कुशल व प्रशिक्षित विधि एक्सपर्ट की मांग बढ़ गई है, जिसके लिए आकर्षक पैकेज दिया जाता है। वकालत की पढ़ाई बारहवीं के बाद पांच वर्षों (बीए एलएलबी) में पूरी की जा सकती है तथा किसी भी स्ट्रीम में ग्रेजुएशन के उपरांत तीन वर्षीय एलएलबी पाठ्यक्रम (6 सेमेस्टर) कम्पलीट कर सकते हैं। यूजीसी से मान्यता प्राप्त अधिकांश विश्वविद्यालयों में एलएलबी पाठ्यक्रम संचालित हंै। कहीं प्रवेश परीक्षा के आधार पर तो कहीं ग्रेजुएशन की मेरिट के आधार पर दाखिले का प्रावधान है। यूजीसी से मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालयों द्वारा निजी क्षेत्र को भी लॉ पाठ्यक्रम चलाने की अनुमति प्रदान की है। लॉ पाठ्यक्रम कम्पलीट करने के बाद बार कौंसिल में रजिस्ट्रेशन करवाने के बाद तहसील से लेकर सुप्रीम कोर्ट तक कहीं भी प्रैक्टिस कर सकते हैं, पब्लिक नोटरी बन सकते हैं। राष्टरीय-बहुराष्टरीय कंपनियों में लीगल एडवाइजर, लॉ ऑफिसर तथा लॉ एक्सपर्ट आदि के रूप में नियुक्ति हो सकती है। राज्य न्यायिक सेवा परीक्षाओं (जैसे पीसीएस-जे) में सफलता प्राप्त करने के उपरांत मुंसिफ मजिस्ट्रेट, न्यायाधीश आदि बन सकते हैं।

प्रमुख प्रशिक्षण संस्थान:

NLSIU, Bangalore Post Bag No. 7201, Nagarbhavi, Bangalore-560072 Tel: 080-23213160 www.nls.ac.in E-mail: इस ईमेल पते को संरक्षित किया जा रहा है स्पैम बॉट से ! आपको यह देखने के लिए जावास्क्रिप्ट सक्रिय होना चहिये

NALSAR, Hyderabad 3-4, 761, Barkatpura, Hyderabad-500027 Tel: 040-27567955 www.nalsaruniv.org

NLIU, Bhopal Bhadbhada Road, Barkheri Kalan, Bhopal-462002 Tel: 0755-2696965 www.nliu.edu

Symbiosis Law College, Pune Senapati Bapat Road, Pune-411004 Tel: 020-25655114 www.symlaw.ac.in

ILS Law College, Pune Law College Road, Pune-411004 Tel: 020-25656775 www.ilslaw.edu

Faculty of Law, BHU, Banaras Varanasi-221005 Tel: 0542-2369018 www.bhu.ac.in

Faculty of Law, DU, Delhi Delhi-110007 Tel: 011-27667765 www.du.ac.in E-mail: इस ईमेल पते को संरक्षित किया जा रहा है स्पैम बॉट से ! आपको यह देखने के लिए जावास्क्रिप्ट सक्रिय होना चहिये

Government Law College, Mumbai I M Chambers Rd Churchgate, Mumbai, Mumbai City, Maharashtra 022 22041707 www.glc.edu

Faculty of Law, Chandigarh Univ. Sector-14, Chandigarh Tel: 0172-2541577 www.puchd.ac.in E-mail: इस ईमेल पते को संरक्षित किया जा रहा है स्पैम बॉट से ! आपको यह देखने के लिए जावास्क्रिप्ट सक्रिय होना चहिये

Amity Law School, Delhi Yasho Bhawan, Okhla Road, Delhi-110025 Tel: 011-26325901 www.amity.edu


आनलाइन एजुकेशन के अंतर्गत कौन-कौन से जॉब ओरिएंटेड पाठ्यक्रम किए जा सकते हैं? ऑनलाइन कोर्स उपलब्ध कराने वाले प्रमुख संस्थानों के बारे में बताएं? राजेश, मधुबनी, बिहार आजकल रेगुलर क्लासरूम में अथवा पत्राचार द्वारा घर बैठे अथवा मुक्त विश्वविद्यालय योजना अंतर्गत नजदीक के स्टडी सेंटर में तथा घर बैठे ऑनलाइन (इंटरनेट पर) पढ़ाई-लिखाई के बहुत से विकल्प हैं। ऑनलाइन पर लगभग सभी जॉब ओरिएंटेड कोर्स उपलब्ध हैं। जैसे- प्रबंधन, आईटी और इंजीनियरिंग में पीजी डिप्लोमा कोर्स, मार्केटिंग प्रबंधन, जनसंपर्क में डिप्लोमा, एडवरटाइजिंग, प्रबंधन और कम्युनिकेशन में पीजी डिप्लोमा, आईटी मार्केटिंग, फाइनेंस, ई-कॉमर्स आदि में सर्टिफिकेट कोर्स संचालित हैं। ज्यादातर ऑनलाइन कोर्स डिस्टेंस एजुकेशन कोर्स और रेगुलर कोर्स से 25 से 50 फीसदी सस्ते पढ़ते हैं, लेकिन इस बात का ध्यान रखें कि जिस ऑन लाइन कोर्स को ज्वाइन कर रहे हैं वह किसी प्रतिष्ठित संस्थान से संबद्ध हो। भारत में इन कोर्सों को मान्यता प्रदान करने वाले प्रमुख संस्थान हैं- (1) इंदिरा गांधी ओपन यूनिवर्सिटी (इग्नू) (2) मनीपाल एकादमी ऑफ हायर एजूकेशन (एमएएचई) (3) आल इंडिया मैनेजमेंट एसोसिएशन (एआईएमए) (4) नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ एडवर्डटाइजिंग (एनआईए) (5) इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट (आईएमटी), गाजियाबाद (6) आल इंडिया इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट स्टडीज (एआईआईएमएस)। ऑनलाइन कोर्स उपलब्ध कराने वाले अन्य प्रमुख संस्थान हैं- (1) इंदिरा गांधी ओपन यूनिवर्सिटी (2) लीअर्नट इंडिया (3) सेंटर फॉर एडवांस स्टडीज (4) माइक्रोसॉफ्ट ई-लर्न (5) एपटेक्स ऑनलाइन (6) ई-गुरुकुल डॉट कॉम (7) सेंटर फॉर एजुकेशनल लीडरशिप ऐंड टेक्नोलॉजी (8) एनआईआईटीस नेट वर्सिटी (9) स्कूलनेट (10) क्लासटीचर डॉट कॉम (11) ई-लर्नर डॉट कॉम।


टेलीकॉम इंजीनियरिंग के बारे में बताएं। टेलीफोन, मोबाइल के तकनीकी पहलुओं का एक्सपर्ट बनकर मोबाइल कंपनी में इंजीनियर बनना चाहता हूं? रोहित, दिल्ली

आज जब दूरसंचार क्रांति बुलंदियों पर है, तो टेलीकॉम इंजीनियरिंग या टेली कम्युनिकेशन की पढ़ाई भी पूरी तरह से जॉब ओरिएंटेड हो चुकी है। देश के विभिन्न इंजीनियरिंग कॉलेजों व संस्थानों में बीटेक (इलेक्ट्रॉनिक ऐंड टेली कम्युनिकेशन), बीई (इलेक्ट्रॉनिक ऐंड टेली कम्युनिकेशन), बीटेक (टेलीकॉम इंजीनियरिंग), बीएससी, एमबीए, डिप्लोमा, पीजी डिप्लोमा, पीजी डिप्लोमा टेलीकॉम, पीजी डिप्लोमा मोबाइल ऐंड ऑप्टिकल टेक्नोलॉजी जैसे अनेक जॉब ओरिएंटेड पाठ्यक्रम उपलब्ध हैं। एमबीए (टेलीकॉम) पाठ्यक्रम मोबाइल कंपनियों की जरूरतों के मद्देनजर संचालित किया जा रहा है, इसलिए इसमें 70 प्रतिशत अध्ययन मैनेजमेंट से संबंधित है और 30 प्रतिशत अध्ययन टेलीकॉम इंजीनियरिंग पर आधारित है। एमटेक (टेलीकॉम इंजीनियरिंग), एमई (रिसर्च) आदि पाठ्यक्रम दो-दो वर्षों में किया जा सकता है। बीटेक और बीई के लिए बारहवीं (पीसीएम), एमबीए और पीजी डिप्लोमा मोबाइल और ऑप्टिकल टेक्निक के लिए विज्ञान व इंजीनियरिंग में स्नातक, एमई और एमटेक संबंधित ट्रेड में बीटेक और बीई होना आवश्यक है। दो वर्षीय एमई (रिसर्च) पाठ्यक्रम में उन्हीं प्रोफेशनल्स को दाखिला दिया जाता है, जो बीई के अलावा 5 वर्ष का अनुभव रखते हैं। तीन वर्षीय डिप्लोमा पाठ्यक्रम में प्रवेश के लिए दसवीं कक्षा गणित विषय के साथ उत्तीर्ण होना आवश्यक है।

प्रमुख प्रशिक्षण संस्थानों के नाम इस प्रकार हैं :

v यूनिवर्सिटी इंस्टीट्यूट ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी, चंडीगढ़ (कोर्स- बीई टेलीकॉम एंड इनफॉर्मेशन)

v बंगाल इंजीनियरिंग कॉलेज, हावड़ा (कोर्स- बीई, एमई)

v भारती स्कूल ऑफ टेली कम्युनिकेशन एंड मैनेजमेंट, आईआईटी कैंपस, हौजखास, नई दिल्ली (कोर्स- एमटेक टेलीकॉम व मैनेजमेंट)

v एमिटी इंस्टीट्यूट ऑफ टेलीकॉम टेक्नोलॉजी एंड मैनेजमेंट, नोएडा (कोर्स- एमबीए, बीटेक, बीएससी, पीजी डिप्लोमा मोबाइल ऐंड ऑप्टिकल टेक्नोलॉजी)

v आईईटीई, 2, इंस्टीट्यूशनल एरिया, लोधी रोड, नई दिल्ली (कोर्स- 3 वर्षीय डिप्लोमा, 4 वर्षीय डिग्री- पत्राचार द्वारा) ]

v लक्ष्मी नारायण कॉलेज ऑफ टेक्नोलॉजी, कोलुआ, भोपाल (कोर्स- बीई)

v डॉ. अंबेडकर यूनिवर्सिटी, रायगढ़ (कोर्स- डिप्लोमा, बीटेक, एमटेक) -पुणे विश्वविद्यालय, पुणे (कोर्स- बीई, एमई रिसर्च)।


इंश्योरेंस एजेंट बनने के लिए कितनी शैक्षिक योग्यता, उम्र होनी चाहिए? क्या इसे पार्ट टाइम जॉब बनाया जा सकता है? कमल दूबे, देहरादून

इंश्योरेंस आजकल ऐसा हॉट करियर माना जा रहा है, जिसमें कॉलेज गोइंग स्टूडेंट्स, ग्रेजुएट्स तथा प्रोफेशनल्स का एक बड़ा वर्ग पार्ट टाइम जॉब के रूप में जुड़ा हुआ है। बहुत से प्रशिक्षित एजेंट तो एलआईसी, जीआईसी के अलावा राष्टरीय-बहुराष्टरीय इंश्योरेंस कंपनियों से जुड़कर भी अच्छा खासी कमाई कर रहे हैं। इंश्योरेंस एजेंट बनने के लिए न्यूनतम शैक्षिणिक योग्यता बारहवीं परीक्षा किसी भी विषय में उत्तीर्ण होनी चाहिए। उम्र 18 वर्ष या इससे अधिक होनी चाहिए। आवेदन के उपरांत इंश्योरेंस कंपनी द्वारा एक लिखित परीक्षा ली जाती है और उसमें चयन होने के बाद 100 घंटे की ट्रेनिंग दी जाती है। इसके बाद इंश्योरेंस रेग्युलेटरी ऐंड डेवलेपमेंट अथॉरिटी द्वारा ऑनलाइन टेस्ट में उत्तीर्ण होने के बाद लाइंसेस दिया जाता है। इसके बाद आपको कंपनी द्वारा स्टाईपेंड के साथ कमीशन भी मिलता है।

हर तीन साल के बाद लाइसेंस का रिन्यूवल कराना पड़ता है। इंश्योरेंस एजेंट कंपनी की सारी पॉलिसीज, उसकी यूएसपी आदि के बारे में लोगों को समझाकर उन्हें सुरक्षित भविष्य के प्रति आगाह करता है और अपने प्रोडक्ट बेचता है। अपने अनुभव के आधार पर यही एजेंट आगे चलकर फाइनेंसियल कंसल्टेंट भी बन जाते हैं। एजेंट के अलावा आप डेवलेपमेंट ऑफिसर, एडमिनिस्ट्रेटिव ऑफिसर, सर्वेयर तथा अन्य पदों के लिए आवेदन कर सकते हैं। यदि एमबीए (रिस्क एंड इंश्योरेंस मैनेजमेंट) पाठ्यक्रम कर लें, तो राष्टï्रीय-बहुराष्ट्री बीमा कंपनियों में उच्च प्रबंधकीय पदों पर नियुक्ति हो सकती है। एमबीए पाठ्यक्रम में प्रवेश के लिए किसी भी विषय में स्नातक होना आवश्यक है। इसी प्रकार इंश्योरेंस में बैचलर डिग्री भी बारहवीं परीक्षा उत्तीर्ण करने के बाद हासिल की जा सकती है। पीजी स्तर पर बिरला इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट ऐंड टेक्नॉलोजी, आईसीएफएआई यूनिवर्सिटी, एमिटी बिजनेस स्कूल तथा आईआईएलएम द्वारा जाब आरिएंटेड कोर्स संचालित किए जाते हैं। इंश्योरेंस इंस्टीट्यूट आफ इंडिया द्वारा जॉब ऑरिएंटेड कोर्सों के अलावा एसोसिएट तथा फेलोशिप प्रोग्राम्स भी कंडक्ट किए जाते हैं।


नेशनल टैलेंट सर्च एक्जामिनेशन के बारे में विस्तृत जानकारी दें। इस परीक्षा में बैठने के लिए कितनी शैक्षिक योग्यता होनी चाहिए?

देवेश, गाजियाबाद

एनसीईआरटी नई दिल्ली द्वारा हर वर्ष नेशनल टैलेंट सर्च एक्जामिनेशन का आयोजन किया जाता है। इस परीक्षा में छात्रवत्ति परीक्षा में दसवीं में पढ़ रहे छात्र हिस्सा ले सकते हैं। नेशनल टैलेंट सर्च एक्जामिनेशन में सफल एक हजार छात्रों को छात्रवत्तियां आवंटित की जाती हैं। विस्तृत जानकारी के लिए एनसीईआरटी की वेबसाइट- www.ncert.nic.in पर लॉग ऑन करें। इसके अलावा वरिष्ठ विज्ञान सलाहकार, विज्ञान शाखा, शिक्षा निदेशालय, लेडी श्रीराम कालेज के पीछे, अमर कॉलोनी, लाजपत नगर, नई दिल्ली-110024 से भी संपर्क किया जा सकता है।


मनोरंजन व न्यूज चैनलों में नॉन लीनियर वीडियो एडीटर कैसे बन सकते हैं? इसके लिए कौन-कौन से जाब ओरिएंटेड कोर्सेज कहां-कहां संचालित किए जाते हैं? पूजा, दिल्ली

मनोरंजन व न्यूज चैनलों के बढऩे से इलेक्ट्रानिक मीडिया में नौकरी की संभावनाएं काफी बढ़ी हैं। पर्दे पर दिखना शायद सबका सपना हो सकता है लेकिन पर्दे के पीछे भी बहुत से ऐसे काम हैं, जो पर्दे पर दिखने वाली हर चीज को तराशते हैं। ऐसा ही एक हॉट करियर है नॉन लीनियर एडिटर यानी एनएलई का। शूटिंग का काम पूरा हो जाने के बाद शुरू होता है नॉन लीनियर वीडियो एडिटर का काम। वीडियो एडिटर टेप में रिकॉर्ड सारे दृश्यों को एडिट मशीन में डाल लेता है, इसके बाद उसे कहानी के अनुसार सिलसिलेवार लगाने का काम किया जाता है। कुशल व अनुभवी वीडियो एडीटर में टेक्निकल नॉलेज, मल्टीमीडिया स्किल्स, स्थेटिक अवेयरनेस, सेंस ऑफ रिद्धम जैसी क्वॉलिटी होनी चाहिए।

दृश्यों की समझ के साथ उसे म्यूजिक और साउंड इफेक्ट्स की भी जानकारी होनी चाहिए। एक अच्छा वीडियो एडिटर वही हो सकता है जिसे कैमरा दृश्यों की भी ठीक-ठीक जानकारी हो। लगभग सभी खबरिया चैनलों और प्रोडक्शन हाउसेज में अब नॉन लीनियर मशीनों पर एडिटिंग की जा रही है। नॉन लीनियर मशीन कम्प्यूटर पर आधारित अपडेट मशीनें हैं। एडिटिंग में आजकल कई नए और हाई-फाई सॉफ्टवेयर इस्तेमाल किए जा रहे हैं। इनमें एविड, एफसीपी (फाइनल कट प्रो), एडोब, स्मोक, न्यूज फ्लैश आदि कई सॉफ्टवेयर हैं। एडिटिंग में भविष्य संवारने के लिए सरकारी व प्राइवेट संस्थानों में बैचलर डिग्री, मास्टर डिग्री या शॉर्ट टर्म कोर्स किए जा सकते हैं। मास्टर डिग्री कोर्स यानी मास कम्युनिकेशन में एमए के दौरान वीडियो एडिटिंग की विशेष ट्रेनिंग दी जाती है।

बैचलर डिग्री कोर्स 3 साल और डिप्लोमा कोर्स 1 वर्ष का होता है। शॉर्ट टर्म की अवधि 3 महीने से लेकर 6 महीने तक होती है। सत्यजीत रे फिल्म एंड टेलीविजन इंस्टीट्यूट कोलकाता में 3 वर्ष का पोस्ट ग्रेजुएशन कोर्स उपलब्ध है, जिसमें पहले वर्ष की पढ़ाई सभी छात्रों के लिए कॉमन है। दूसरे वर्ष आपके पास इच्छानुसार 4 ऑप्शन होते हैं। संस्थान में कुल 40 सीटें हैं, प्रशिक्षण शुल्क लगभग 50 हजार रुपये। फिल्म ऐंड टेलीविजन इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया पुणे के अंतर्गत डिप्लोमा (3 वर्ष) और सर्टिफिकेट कोर्स (1 वर्ष) संचालित है। यहां कुल 12 सीटें हैं। एशियन एकेडमी ऑफ फिल्म ऐंड टेलीविजन नोएडा के अंतर्गत दो तरह के कोर्स संचालित हैं। पहला- 1 वर्षीय डिप्लोमा कोर्स, दूसरा- 3-3 माह के शॉर्ट टर्म कोर्स। वीडियो एडीटिंग के लिए यहां 12 सीटें हैं। संस्थान में छात्रों का सिलेक्शन इंटरव्यू व लिखित एक्जाम के आधार पर होता है। मास कम्युनिकेशन रिसर्च सेंटर जामिया मिलिया इस्लामिया नई दिल्ली के अंतर्गत आप 2 साल की अवधि का एमए मास कम्युनिकेशन कोर्स कर सकते हैं।

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