 कुछ समय पहले तक ऑस्ट्रेलिया भारतीय छात्रों का पसंदीदा स्टडी डेस्टिनेशन हुए करता था, लेकिन हाल के दिनों में भारतीय छात्रों पर हुए नस्लभेदी हमलों के कारण देश की छवि खराब हुई है। हालांकि अब ऑस्ट्रेलिया भारतीय छात्रों को फिर से आकर्षित करने के लिए नई सुविधाओं की शुरुआत की है। यह सुविधा है आस्क-ए-स्विनमेट, जिसके तहत छात्रों और उनकेअभिभावकों को कैंपस और वहां के जीवन के बारे में ज्यादा जानकारी दी जाएगी। ऑस्ट्रेलिया में कुल 90 हजार भारतीय छात्र पढ़ते हैं। उनमें से 50 प्रतिशत छात्र विक्टोरिया में हैं। ऑस्ट्रेलिया ऑस्ट्रेलिया भूमध्य रेखा के दक्षिण में स्थित विश्व का छटा सबसे बड़ा देश है। ऑस्ट्रेलिया के पड़ोसी देशों में उत्तर में इंडोनेशिया, पापुआ न्यू गिनी और पूर्वी तिमोर दक्षिण पूर्व में न्यूजीलैंड और उत्तर पूर्व में सोलोमन द्वीप समूह, वानाताऊ और न्यू कैलोडोनिया हैं। अंग्रेजी में ऑस्ट्रेलिया को डाउन अंडर कहा जाता है। यहां का मौसम उत्तरी गोलार्ध के मौसम के विपरित होता है, जब उत्तर में सर्दी हो तब दक्षिण में गर्मी होती है। ऑस्ट्रेलिया महाद्वीप होने के साथ-साथ एक देश भी है। इसकी राजधानी केनबरा है। यहां के अन्य बड़े शहर सिडनी, मेलबर्न और पर्थ हैं। ऑस्ट्रेलिया में छ: राज्य न्यू साउथ वेल्स, क्वींसलैंड, साउथ ऑस्ट्रेलिया, टासमानिया, विक्टोरिया और पश्चिमी ऑस्ट्रेलिया हैं। यहां के प्रमुख टूर डेस्टिनेशन की बात करें, तो सिडनी, कैर्नस, मैग्नेटिक आईलैंड, एयर्स रॉक, काकाडु नेशनल पार्क, टासमानिया, गोल्ड कोस्ट, व्हाइटसंडे, गे्रड ओशन रोड, फ्रासर आईलैंड आदि प्रमुख हैं। छात्रों के लिए क्यों है खास ऑस्टे्रलिया अब्रॉड एजुकेशन के मामले में जाना पहचाना नाम है। खास बात यह है कि यूएस और यूके के बाद ऑस्टे्रलिया एक ऐसा देश है, जिसे भारतीय छात्र कई कारणों से पसंद करते हैं। इनमें दो कारण प्रमुख हैं-पहला, ऑस्ट्रेलिया की कुछ यूनिवर्सिटी की वल्र्ड-रैंकिंग यूके एवं यूएस यूनिवर्सिटी की तरह ही काफी अच्छी है। दूसरा, ऑस्ट्रेलिया की किसी भी यूनिवर्सिटी में पढऩा यूके और यूएस की अपेक्षा कम खर्चीला होता है। यही कारण है कि ऑस्ट्रेलिया की यूनिवर्सिटी में भारतीय स्टूडेंट्स की संख्या काफी है। एजुकेशन के दौरान ऑस्टे्रलिया में पार्ट-टाइम जॉब करने की भी अनुमति है। इस कारण भी भारतीय स्टूडेंटस अब्रॉड एजुकेशन के लिए वहां जाना पसंद करते हैं। आईटी, इंजीनियरिंग, बिजनेस स्टडी आदि कुछ ऐसे प्रमुख क्षेत्र हैं, जिनकी उच्चस्तरीय फैकल्टी और सुविधाओं के कारण ऑस्ट्रेलिया इस मामले में काफी लोकप्रिय होता जा रहा है। प्रमुख कोर्स ऑस्टे्रलियाई विश्वविद्यालयों में आईटी, बिजनेस एवं इंजीनियरिंग से संबंधित कोर्सों के अलावा आट्र्स, और एग्रीकल्चरल साइंस के विषय भी काफी लोकप्रिय हैं। जो स्टूडेंट्स कला और रचनात्मक क्षेत्रों से संबंधित विषयों में ऑस्ट्रेलिया की किसी भी यूनिवर्सिटी में प्रवेश लेना चाहते हैं, वे निम्नलिखित विषयों में से किसी एक को चुन सकते हैं। v फैशन डिजाइनिंग v इंटीरियर डेकोरेशन v ज्यूलॅरी डिजाइनिंग v ग्राफिक डिजाइनिंग v फिल्म मेकिंग आदि। कोर्स अवधि अगर आप ऑस्टे्रलिया की किसी भी यूनिवर्सिटी से मास्टर कोर्स करना चाहते हैं, तो एक से दो वर्ष की अवधि में पूरा कर सकते हैं। उल्लेखनीय है कि यहां के कुछ मास्टर कोर्स एक वर्ष की अवधि में, तो कुछ ऐसे भी कोर्स हैं, जिन्हे दो वर्ष की अवधि में पूरा कर सकते हैं। वहीं रिसर्च स्टडी के लिए कुल तीन वर्ष की अवधि निर्धारित की गई है। क्वालिफिकेशन मास्टर कोर्स में आवेदन करने के लिए स्टूडेंट्स का स्नातक होना जरूरी है, जबकि रिसर्च स्टडी के लिए भी स्नातकोत्तर होना आवश्यक है। हालांकि रिसर्च के लिए आवेदन करने वाले जो अभ्यर्थी किसी प्रकार के अतिरिक्त योग्यता और अपने फील्ड में कार्यानुभव रखते हैं, उन्हें दाखिले में वरीयता दी जाती है। इसके अलावा, अंग्रेजी का उच्चस्तरीय ज्ञान और आईईएलटीएस (इंटरनेशन इंग्लिश लैंग्वेज टेस्टिंग सिस्टम) में बेहतर अंक पाना जरूरी है। प्रवेश प्रक्रिया ऑस्टे्रलिया और भारत दोनों का एजुकेशन सिस्टम लगभग एक जैसा ही है, इसलिए ऑस्ट्रेलिया में दाखिले के लिए किसी विशेष प्रवेश परीक्षा का प्रावधान नहीं है। हां, वीजा पाने के लिए और वहां के किसी भी यूनिवर्सिटी में दाखिला लेने के लिए कुछ शर्तें जरूर पूरी करनी होती हैं। जहां तक आवेदन प्रक्रिया की बात है, तो आम तौर पर यहां आप संबंधित यूनिवर्सिटी के वेबसाइट पर जाकर ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। साथ ही, इन्हीं वेबसाइट्स से आवेदन संबंधी जरूरी जानकारी भी प्राप्त कर सकते हैं। अभी हाल ही में मेलबर्न के स्विनबर्न यूनिवर्सिटी ऑफ टेक्नोलॉजी ने भारतीय छात्रों को शिक्षा सुविधाओं समेत अन्य जरूरी जानकारी सही तौर पर देने के लिए आस्क-ए-स्विनमेट नाम की एक नई सुविधा उपलब्ध करवाई है। हालांकि छात्रों से संवाद के लिए फोन, एसएमएस और ऐसी ही कई सुविधाएं विश्वविद्यालय पहले से ही दे रही है, लेकिन आस्क-ए-स्विनमेट नाम की नई सुविधा से छात्रों और उनके अभिभावकों को कैंपस और वहां के जीवन के बारे में ज्यादा जानकारी दी जाएगी। जरूरी दस्तावेज अपने आवेदन पत्र के साथ आपको निम्नलिखित दस्तावेज संलंग्न करने होंगे : v शैक्षणिक प्रमाण पत्रों की प्रतियां v रेज्यूमे v अनुशंसा पत्र v आईईएलटीएस अंक पत्र आदि। कहां करें संपर्क ऑस्टे्रलिया के किसी भी विश्वविद्यालय में प्रवेश प्रक्रिया की जानकारी और वीजा संबंधी तमाम सूचनाओं को आप भारत स्थित ऑस्ट्रेलियाई दूतावास से प्राप्त कर सकते हैं। ऑस्ट्रेलिया दूतावास (दिल्ली)का पता है 1/50-जी, शांतिपथ, चाणक्यपुरी, पोस्ट बॉक्स- 5210, नई दिल्ली-110021 ईमेल :austhighcom.newdelhi@d fat.gov.au ऑस्ट्रेलिया की प्रमुख यूनिवर्सिटी v यूनिवर्सिटी ऑफ टेक्नोलॉजी, सिडनी www.uts.edu.au v यूनिवर्सिटी ऑफ न्यू साउथ वेल्स www.unsw.edu.au v रोयाल मेलबोर्न इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी यूनिवर्सिटी (आरएमआईटी) www.rmit.edu.au v ला ट्रॉब यूनिवर्सिटी www.latrobe.edu.au v ग्रिफ्थ यूनिवर्सिटी www.griffith.edu.au v ऑस्ट्रेलियन नेशनल यूनिवर्सिटी www.anu.edu.au v यूनिवर्सिटी ऑफ मेलबर्न www.unimelb.edu.au v यूनिवर्सिटी ऑफ क्वींसलैंड www.uq.edu.au v मोनाश यूनिवर्सिटी www.monash.edu.au v यूनिवर्सिटी ऑफ वेस्टर्न ऑस्ट्रेलिया www.uwa.edu.au v यूनिवर्सिटी ऑफ एडिलेड www.adelaide.edu.au v मैक्यूअरी यूनिवर्सिटी www.mq.edu.au |